By अंकित सिंह | May 26, 2026
महायुति ने स्थानीय निकायों के द्विवार्षिक एमएलसी चुनावों के लिए "12:3:2 का फॉर्मूला" तय कर लिया है। हालांकि, 17 सीटों में से तीन सीटें - नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और पुणे - गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच विवाद का मुद्दा बनी हुई हैं। इन सीटों को लेकर भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बीच खींचतान शुरू हो गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने नासिक और संभाजीनगर सीटों पर दावा जताया है, जबकि एनसीपी पुणे सीट पर जोर लगा रही है। वहीं, भाजपा ने तीनों सीटों पर अपना दावा पेश किया है।
दूसरी ओर, एनसीपी का कहना है कि पुणे में उसके पास स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों की सबसे बड़ी संख्या है, जिससे वह इस निर्वाचन क्षेत्र में स्वाभाविक दावेदार बन जाती है। शिवसेना ने भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के बीच मौजूदा 12:3:2 के सीट बंटवारे के फार्मूले पर भी आपत्ति जताई है। पार्टी नेता कथित तौर पर तीन के बजाय चार सीटें मांग रहे हैं। अगर शिवसेना की मांग मान ली जाती है, तो एनसीपी को सिर्फ एक सीट से ही संतोष करना पड़ सकता है, जिससे संभावित रूप से सीट बंटवारे का फार्मूला 12:4:1 हो जाएगा।
इससे पहले, भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए एकनाथ शिंदे से मुलाकात की थी, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही। चुनाव आयोग ने एमएलसी (स्थानीय निकाय) चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 1 जून है, मतदान 18 जून को होगा और मतगणना 22 जून को होगी। स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के निर्वाचित सदस्य इन चुनावों में मतदान करने के पात्र होंगे।
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।