By अंकित सिंह | Jul 05, 2023
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन में अजित पवार के शामिल होने के बाद से शिवसेना-भाजपा खेमे में सबकुछ ठीक नहीं है। खबरों की मानें तो विभागों के बंटवारे को लेकर एकनाथ शिंदे गुट के विधायकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। अजित पवार और छगन भुजबल, दिलीप वलसे पाटिल और हसन मुशरीफ सहित आठ विधायकों के एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद रविवार को पार्टी के विभाजन के बाद से एनसीपी के दोनों गुट-शरद पवार खेमा और भतीजा समूह अपनी पहली बैठकें कर रहे हैं, जिसमें सभी पदाधिकारी शामिल होंगे।
शिवसेना नेता ने यह भी कहा कि राजनीति में जब हमारा प्रतिद्वंद्वी गिरोह हमारे साथ आना चाहता है तो हमें उसे शामिल करना पड़ता है और भाजपा ने यही किया। एनसीपी के हमारे साथ आने के बाद हमारे समूह के लोग नाराज थे क्योंकि हमारे कुछ नेताओं को उनका मनचाहा पद नहीं मिलेगा। यह सच नहीं है कि हमारे सभी नेता राकांपा के हमारे साथ आने से खुश हैं। हालात पर काबू पाने के लिए विधायकों की बढ़ती नाराजगी के बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को अपना नागपुर दौरा बीच में ही छोड़कर मंगलवार रात मुंबई लौटना पड़ा। उन्होंने देर रात तक अपने मंत्रियों के साथ बैठक भी की और उन्हें मनाने की कोशिश की। फिर बुधवार को वह फिर मिलेंगे।