By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 31, 2026
महाराष्ट्र के सोलापुर के तेल संयंत्रों के सोयाबीन का दाम बढ़ाने से शुक्रवार को सोयाबीन तिलहन के दाम में मजबूती रही। त्योहारों के मद्देनजर औद्योगिक मांग बढ़ने से पाम-पामोलीन तथा कम उपलब्धता के बीच ब्रांडेड कंपनियों की मांग बढ़ने से बिनौला तेल में भी सुधार आया। बाजार सूत्रों ने कहा कि उंचे दाम पर लिवाली कमजोर रहने के बीच सरसों तेल-तिलहन में गिरावट देखी गई। वहीं सुस्त कामकाज के बीच मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल स्थिर रहे। मलेशिया एक्सचेंज दोपहर 3.30 बजे गिरावट के साथ बंद हुआ। यहां शाम का कारोबार बंद है। शिकॉगो एक्सचेंज में घट-बढ़ जारी है। कल रात यहां सुधार था। सूत्रों ने कहा कि सोलापुर में सोयाबीन के बड़े तेल संयंत्रों ने सोयाबीन तिलहन का खरीद दाम पहले के 7,620 रुपये क्विंटल से बढ़ाकर 7,660 रुपये क्विंटल कर दिया जिस कारण सोयाबीन तिलहन के दाम मजबूत रहे। दूसरी ओर लागत से नीचे बिकवाली के बीच सोयाबीन तेल के दाम स्थिर रहे। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से सहकारी संस्था, नेफेड को सोयाबीन की फसल बचा कर रखनी चाहिये क्योंकि अगली फसल अक्टूबर में आयेगी। सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट रहने के बावजूद सबसे सस्ता होने के बीच देश में नमकीन बनाने वाली कंपनियों की औद्योगिक मांग बढ़ने से सीपीओ और पामोलीन तेल के दाम में सुधार आया। कम उपलब्धता के बीच बांडेड कंपनियों की मांग में आई तेजी से बिनौला तेल के दाम में भी सुधार आया। ऊंचे दाम पर कमजोर बिकवाली से सरसों तेल-तिलहन में गिरावट आई। जबकि कमजोर कामकाज के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के दाम स्थिर रहे। लागत से नीचे बिकवाली के बीच सोयाबीन तेल के दाम भी स्थिर रहे। तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे...