मातृभाषा पर महेश भट्ट ने की वकालत, कहा- लोगों पर कोई एक भाषा नहीं थोपनी चाहिए

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 09, 2019

कोलकाता। प्रख्यात फिल्मकार महेश भट्ट ने सभी क्षेत्रीय भाषाओं को महत्व देने की ममता बनर्जी की मांग का प्रत्यक्ष तौर पर समर्थन करते हुए शुक्रवार को कहा कि किसी को भी किसी पर कोई एक भाषा थोपनी नहीं चाहिए और सभी को अपनी मातृभाषा में बोलने की इजाजत मिलनी चाहिए।

गौरतलब है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सितंबर में कहा था कि हिंदी पूरे देश को जोड़ने वाली भाषा है। भट्ट ने हालाँकि शाह या किसी अन्य नेता का नाम नहीं लिया। भट्ट ने जोर देकर कहा कि देश के महापुरुषों ने अपनी मातृभाषा में बात कहने की वकालत की थी। उन्होंने कहा कि भारत की महानता उसकी विविधता में है। 

इसे भी पढ़ें: अपनी क्यूटनेस से सारा अली खान ने जीता फैंस का दिल, तस्वीरें वायरल

भट्ट ने यहाँ 25वें कोलकाता फिल्म महोत्सव के उद्घाटन में कहा कि जब तक फिल्मकार और कलाकार हैं तब तक हम उन्हें चुनौती देते रहेंगे जो हमें एक ही भाषा में बात करने को कहते हैं। उन्होंने अपनी बात को पुख्ता करने के लिए रामकृष्ण परमहंस, भगिनी निवेदिता और स्वामी विवेकानंद का उदाहरण भी दिया।

इसे भी पढ़ें: आलिया ने बताया अपनी खूबसूरती और फिट सेहत का राज, जानें क्या-क्या करती हैं पूरा दिन

शाह ने सितंबर में हिंदी दिवस कहा था कि चूँकि हिंदी सर्वाधिक बोली जाती है इसलिए यह देश को एक कर सकती है।भट्ट ने फिल्म महोत्सव के उद्घाटन में कहा कि रामकृष्ण परमहंस में यह कहने की हिम्मत थी कि हमें सभी व्यक्तियों से उनकी ही भाषा में बात करनी चाहिए। भट्ट ने कहा कि यह बंगाल की आवाज है, यह इस देश के महात्माओं और साधुओं की आवाज है कि भगवान के लिए किसी व्यक्ति से उसकी ही भाषा में बात करो। अपनी भाषा उस पर मत थोपो।

प्रमुख खबरें

SIR पर Election Commission के कदम नाकाफी, Congress ने उठाए सवाल

NSE प्रमुख Ashish Chauhan बोले नए UPI Merchant Tax पर सरकार से नहीं हुई कोई बातचीत

Congress 29 सितंबर को Delhi में करेगी Dalit Adivasi Swabhiman Baithak

पारिवारिक मामलों में अदालती फैसले थोपे हुए लगते हैं: Supreme Court जस्टिस NV Anjaria