By अभिनय आकाश | Apr 02, 2025
जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने बुधवार को संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किए जाने की निंदा करते हुए एक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विधेयक असंवैधानिक है और मौलिक अधिकारों का घोर उल्लंघन है। वक्फ विधेयक पेश किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए मदनी ने कहा कि यह विधेयक अलोकतांत्रिक है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार लोकतांत्रिक सिद्धांतों और उचित प्रक्रिया की अवहेलना करते हुए केवल अपने संख्यात्मक बहुमत के आधार पर इसे पारित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण बहुसंख्यकवादी मानसिकता को दर्शाता है जो अल्पसंख्यकों के अधिकारों को कमजोर करता है और न्याय और समानता के मूलभूत मूल्यों को खतरे में डालता है।