By डॉ. अनिमेष शर्मा | Aug 21, 2026
आज के समय में बढ़ती पेट्रोल कीमतों ने हर दोपहिया वाहन चालक की जेब पर असर डाला है। ऐसे में स्कूटर खरीदते समय लोग सबसे पहले उसके माइलेज पर ध्यान देते हैं। हालांकि, अच्छी माइलेज केवल इंजन या कंपनी के दावे पर निर्भर नहीं करती, बल्कि वाहन की नियमित देखभाल भी इसमें अहम भूमिका निभाती है। कई लोग ईंधन बचाने के लिए धीरे-धीरे स्कूटर चलाते हैं, समय पर सर्विस करवाते हैं और अनावश्यक एक्सेलरेशन से बचते हैं। लेकिन एक बेहद आसान और जरूरी मेंटेनेंस टिप को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, जो बिना किसी अतिरिक्त खर्च के माइलेज बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।
जब टायर में पर्याप्त हवा नहीं होती, तो स्कूटर का संतुलन और गति दोनों प्रभावित होते हैं। इंजन को हर बार अतिरिक्त दबाव के साथ काम करना पड़ता है, जिससे हर किलोमीटर पर अधिक पेट्रोल खर्च होता है। शुरुआत में इसका असर महसूस नहीं होता, लेकिन लंबे समय तक कम एयर प्रेशर के साथ वाहन चलाने से माइलेज में स्पष्ट गिरावट दिखाई देने लगती है। यही कारण है कि विशेषज्ञ समय-समय पर टायर प्रेशर जांचने की सलाह देते हैं।
सही टायर प्रेशर बनाए रखने का लाभ केवल ईंधन बचाने तक सीमित नहीं है। इससे स्कूटर की ओवरऑल परफॉर्मेंस भी बेहतर होती है। सही हवा वाले टायर सड़क पर बेहतर पकड़ बनाए रखते हैं, जिससे वाहन अधिक स्थिर महसूस होता है। साथ ही मोड़ लेते समय, खराब रास्तों पर या अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति में स्कूटर को नियंत्रित करना आसान हो जाता है। इससे दुर्घटना की संभावना भी कम हो सकती है।
कम हवा वाले टायर जल्दी और असमान तरीके से घिसते हैं। इससे कुछ ही समय में नए टायर खरीदने की नौबत आ सकती है। वहीं, यदि टायर में कंपनी द्वारा सुझाया गया एयर प्रेशर बना रहे, तो घिसाव संतुलित होता है और टायर अधिक समय तक उपयोग में आते हैं। इससे वाहन की रनिंग कॉस्ट भी कम होती है और बार-बार टायर बदलने का खर्च बच जाता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सप्ताह में कम से कम एक बार या हर 10 से 15 दिन में टायर प्रेशर जरूर जांचना चाहिए। लंबी यात्रा पर निकलने से पहले भी हवा का दबाव चेक करना बेहतर रहता है। हमेशा वाहन निर्माता द्वारा बताए गए PSI (पाउंड प्रति वर्ग इंच) के अनुसार ही टायर में हवा भरवाएं। जरूरत से ज्यादा या कम हवा दोनों ही वाहन की परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकती हैं।
यदि आप अपने स्कूटर से अधिक माइलेज चाहते हैं, तो सही टायर प्रेशर के साथ-साथ समय पर सर्विसिंग, साफ एयर फिल्टर, अच्छी गुणवत्ता का इंजन ऑयल और संतुलित राइडिंग स्टाइल भी अपनाएं। तेज एक्सेलरेशन और अचानक ब्रेक लगाने से बचें। इन छोटी-छोटी आदतों से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि स्कूटर की कार्यक्षमता और जीवनकाल भी बढ़ेगा।
स्कूटर का माइलेज बढ़ाने के लिए हमेशा बड़े बदलाव या महंगे मेंटेनेंस की जरूरत नहीं होती। कई बार केवल टायर में सही एयर प्रेशर बनाए रखने जैसी छोटी आदत भी बड़ा अंतर पैदा कर सकती है। इससे पेट्रोल की बचत होती है, टायर लंबे समय तक चलते हैं, वाहन सुरक्षित रहता है और आपकी जेब पर भी अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता। इसलिए अगली बार पेट्रोल पंप जाएं, तो ईंधन भरवाने के साथ टायर प्रेशर की जांच करना बिल्कुल न भूलें।
- डॉ. अनिमेष शर्मा