By अभिनय आकाश | Jul 08, 2026
आसमान में शिकारी ड्रोन मंडरा रहे हैं और अमेरिका ईरान के बीच कभी भी महायुद्ध छेड़ने का डर। इसी मौत के रास्ते के बीच फंसा था 15 भारतीयों वाला एक विशाल तेल टैंकर ओमेगा ट्रेडर। दुनिया की सुपर पावर अमेरिका और ईरान आमने-सामने है। समंदर बारूद से भरा है। लेकिन तभी लहरों को चीरते हुए इंडियन नेवी की एंट्री होती है। होर्मुज यानी समंदर का वो हिस्सा है जो ओमान और ईरान के बीच है। दुनिया का लगभग 21% तेल यहीं से गुजरता है। अगर यह रास्ता बंद हुआ तो भारत ही नहीं पूरी दुनिया में पेट्रोल के दाम रातोंरात डबल हो सकते हैं। हालांकि ऐसा हो भी चुका है। लेकिन आज यह रास्ता जंग का अखाड़ा बन गया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंट कॉम ने भी सर जवाबी कारवाई शुरू कर दी।
अमेरिका ने ईरान के उन ठिकानों को चुनचुनकर निशाना बनाया जहां से ड्रोन और मिसाइलें लॉन्च की जा रही थी। ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल साइट्स पर बमबारी हो रही थी। ईरान ने भी पलटवार किया और पलटवार की धमकी भी दी और स्थिति ऐसी हो गई कि एक गलतफहमी और तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो सकता था। लेकिन इस भारी तनाव और गोलीबारी के बीच भारतीय नौसेना यानी इंडियन नेवी के जांबाजों ने अपना आपा नहीं खोया। बेहद शांति के साथ हमारे जहाज को उस डेंजर ज़ोन से बाहर खींच दिया। खैर, यह सिर्फ एक रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं था। यह नए भारत का नया स्टेटमेंट है। आज भारत सिर्फ सीमाओं की रक्षा नहीं करता बल्कि अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में एक एक नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर की भी भूमिका निभा रहा है। अधिकारियों का साफ कहना है हमारी नजरें 24 घंटे इस इलाके पर है। चाहे वो लाल सागर यानी रेड सी हो या हॉर्मूज।