Johnson & Johnson का बड़ा फैसला: Cancer के हजारों केस खत्म करने के लिए देगी $5.5 Billion Settlement

By Ankit Jaiswal | Jul 28, 2026

कई वर्षों से चल रहे टैल्कम पाउडर विवाद में अब एक बड़ा मोड़ सामने आया है। अमेरिका की प्रमुख दवा और उपभोक्ता उत्पाद बनाने वाली कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने टैल्कम पाउडर से जुड़े हजारों मामलों के निपटारे के लिए 5.5 अरब डॉलर देने पर सहमति जताई है। यह समझौता उन मामलों से जुड़ा है जिनमें आरोप लगाया गया था कि कंपनी के टैल्कम आधारित शिशु पाउडर के उपयोग से महिलाओं में डिम्बग्रंथि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हुई है।

बता दें कि टैल्क एक प्राकृतिक और मुलायम खनिज है, जिसका लंबे समय तक शिशु पाउडर, सौंदर्य प्रसाधनों और कई अन्य उत्पादों में व्यापक उपयोग होता रहा है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसके स्वास्थ्य पर संभावित दुष्प्रभावों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी कारण कई देशों में इसके उपयोग को लेकर बहस तेज हुई है।

गौरतलब है कि वर्ष 2024 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने टैल्क को "संभवतः मनुष्यों में कैंसर पैदा करने वाला पदार्थ" की श्रेणी में रखा था। इसके बाद इस विषय पर वैश्विक स्तर पर चर्चा और भी बढ़ गई थी। हालांकि जॉनसन एंड जॉनसन लगातार यह दावा करती रही है कि उसके टैल्कम पाउडर और कैंसर के बीच कोई वैज्ञानिक रूप से सिद्ध संबंध नहीं मिला है।

कंपनी ने अमेरिका में वर्ष 2020 में टैल्क आधारित शिशु पाउडर की बिक्री बंद कर दी थी। इसके बाद वर्ष 2023 में इस उत्पाद की वैश्विक बिक्री भी रोक दी गई थी। इसके बावजूद पहले से दायर मामलों की सुनवाई अदालतों में जारी रही है।

बता दें कि वर्ष 2016 में अमेरिका की एक अदालत ने पहली बार एक महिला की डिम्बग्रंथि कैंसर से मृत्यु के मामले में कंपनी को 7.2 करोड़ डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया था। हालांकि बाद में वह फैसला पलट दिया गया, लेकिन इसके बाद कंपनी के खिलाफ दायर होने वाले मामलों की संख्या लगातार बढ़ती गई और कई मामलों में वादी पक्ष को राहत भी मिली है।

जॉनसन एंड जॉनसन के मुकदमा मामलों के प्रमुख एरिक हास ने कहा है कि इस समझौते का उद्देश्य लंबे समय से चल रहे विवाद को समाप्त करना है। वहीं वादी पक्ष के वकीलों ने इसे करीब एक दशक से चल रही कानूनी लड़ाई का सकारात्मक समाधान बताया है।

हालांकि यह समझौता केवल अमेरिका तक सीमित है। यूनाइटेड किंगडम में सात हजार से अधिक संभावित दावेदारों से जुड़ा अलग मामला अभी उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। वहां भी आरोप लगाया गया है कि कंपनी को संभावित जोखिम की जानकारी होने के बावजूद टैल्कम उत्पादों की बिक्री जारी रखी गई थी। कंपनी ने इन आरोपों से भी साफ इनकार किया है और कहा है कि उसके उत्पाद सुरक्षित रहे हैं।

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