By रेनू तिवारी | May 23, 2026
मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के पेपर लीक विवाद के बाद अनिश्चितता और मानसिक तनाव का सामना कर रहे बिहार के लाखों परीक्षार्थियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि राज्य में आयोजित होने वाली NEET की दोबारा परीक्षा (Re-exam) में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दी जाएगी। बिहार राज्य सड़क परिवहन निगम (BSRTC) द्वारा प्रदान की जाने वाली इस विशेष सुविधा का लाभ उठाने के लिए छात्रों को यात्रा के दौरान बस कंडक्टर को केवल अपना वैध NEET एडमिट कार्ड (Admit Card) दिखाना होगा। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब हज़ारों छात्र और उनके परिवार, पेपर लीक विवाद के चलते पहले हुई NEET-UG परीक्षा रद्द होने के बाद से ही तनाव और अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।
लाखों छात्रों के परीक्षा केंद्रों तक यात्रा करने की उम्मीद को देखते हुए, राज्य सरकार के इस फ़ैसले को परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने की दिशा में एक प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
पूरे बिहार में विशेष इंतज़ाम
बिहार सरकार ने ज़िला प्रशासन को बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और परीक्षा केंद्रों के पास छात्रों और अभिभावकों के लिए ज़रूरी इंतज़ाम करने के निर्देश भी दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे अलग-अलग ज़िलों से आने वाले उम्मीदवारों के लिए पीने के पानी, छायादार इंतज़ारगाहों, सत्तू और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि परीक्षा की अवधि के दौरान बाहर से आने वाले छात्रों और अभिभावकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
अतिरिक्त बसें, सुरक्षा और यातायात योजनाएँ तैयार
कई ज़िलों में दोबारा परीक्षा की तैयारियाँ पहले ही शुरू हो चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन, छात्रों को समय पर उनके केंद्रों तक पहुँचाने में मदद करने के लिए यातायात प्रबंधन योजनाओं, सुरक्षा व्यवस्था और अतिरिक्त बसों के संचालन पर काम कर रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य परीक्षा के दिन किसी भी तरह की अफ़रा-तफ़री से बचना और सुचारू आवागमन सुनिश्चित करना है, विशेष रूप से उन ज़्यादा भीड़भाड़ वाले केंद्रों पर जहाँ बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के आने की उम्मीद है। NEET भारत की सबसे बड़ी और सबसे ज़्यादा प्रतिस्पर्धी प्रवेश परीक्षाओं में से एक बनी हुई है, जिसमें हर साल लाखों छात्र मेडिकल सीट पाने की उम्मीद में शामिल होते हैं। पहले हुई परीक्षा के रद्द होने से कई परिवार भावनात्मक और आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुके थे।
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