By अभिनय आकाश | Jun 12, 2026
कोलकाता में शुक्रवार को सिग्नेचर फ़ॉर्जरी (हस्ताक्षर में हेराफेरी) के मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के घर CID (क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) के अधिकारियों की एक टीम पहुँची। अभिषेक बनर्जी के वकील भी उनके घर पहुँचे। इससे पहले गुरुवार को CID ने कोलकाता के अलीपुर इलाके में स्थित अपने हेडक्वार्टर 'भवानी भवन' में अभिषेक बनर्जी से सिग्नेचर फ़ॉर्जरी के मामले में करीब साढ़े 5 घंटे तक पूछताछ की थी। TMC विधायक मदन मित्रा ने ANI को बताया कि अभिषेक बनर्जी जाँच में सहयोग कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा, "वे (CID) आए हैं; यह उनका काम है, इसलिए वे आए हैं। वे अभिषेक बनर्जी से सहयोग चाहते हैं और अभिषेक बनर्जी सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने पहले भी सहयोग किया है और आगे भी सहयोग करते रहेंगे।"
अभिषेक बनर्जी ने 9 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर को बताया कि पार्टी ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) लेजिस्लेटिव पार्टी की बैठक में पदाधिकारियों की नियुक्ति का फैसला किया था। इसके बाद, 18 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा के प्रधान सचिव ने अभिषेक बनर्जी को पत्र लिखकर बैठक के मिनट्स और प्रस्ताव, साथ ही फैसला लेने की प्रक्रिया के दौरान मौजूद विधायकों के हस्ताक्षर मांगे। 20 मई को अभिषेक ने बैठक के प्रस्ताव की कॉपी और उस बैठक में मौजूद सदस्यों के हस्ताक्षर वाली अटेंडेंस शीट जमा की। इसमें बताया गया था कि 6 मई को हुई बैठक में 70 विधायक मौजूद थे।