By अभिनय आकाश | May 26, 2026
हालिया चुनाव में मिली करारी हार के बाद से आंतरिक कलह से जूझ रही एआईएडीएमके को एक और झटका लगा है। सोमवार को एआईएडीएमके के तीन विधायकों ने तमिलनाडु विधानसभा से इस्तीफा दे दिया और मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली टीवीके पार्टी में शामिल हो गए। विधायकों मरगथम कुमारवेल, जयकुमार और सत्यबामा ने तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर को अपना इस्तीफा सौंपा, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। यह घटनाक्रम एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता सीवी शनमुगम के नेतृत्व में 30 विधायकों द्वारा विजय की टीवीके सरकार को समर्थन देने के दो सप्ताह बाद सामने आया है। एडप्पाडी पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली पार्टी से इस्तीफा देने वाले तीनों विधायक इसी बागी गुट का हिस्सा थे।
तीन विधायकों के इस्तीफे और पांच विधायकों के पलानीस्वामी खेमे में वापस लौटने के बाद, बागी गुट की संख्या 25 से घटकर 17 रह गई है। हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में एआईएडीएमके ने कुल 47 सीटें जीतीं, जबकि विजय की टीवीके 108 सीटों के साथ बहुमत से कम रहते हुए सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। टीवीके ने बाद में कांग्रेस, आईयूएमएल, वीसीके और वामपंथी दलों के समर्थन से सरकार बनाई, जबकि एआईएडीएमके के बागी विधायकों ने सत्ताधारी दल को अपना समर्थन दिया। हालांकि, बागी खेमे में एक नया मोड़ आया है। वरिष्ठ नेता एसपी वेलुमणि ने शुक्रवार को पार्टी को तोड़ने के किसी भी इरादे से इनकार किया और कहा कि एडप्पाडी पलानीस्वामी उनके नेता बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी को पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के समय से जुड़े "अम्मा शासन" को बहाल करने की दिशा में काम करना चाहिए। वेलुमणि ने यह भी कहा कि न तो उन्होंने और न ही शनमुगम ने कभी नवगठित सरकार में पद पाने में रुचि दिखाई है। विजय के हालिया मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान टीवीके ने बागी एआईएडीएमके विधायकों को मंत्रिमंडल में कोई पद नहीं दिया।