By अंकित सिंह | Aug 25, 2026
सरकार ने प्याज की बढ़ती कीमतों को काबू में करने के लिए अपने बफर स्टॉक से प्याज जारी करने और रेल के ज़रिए इसे बड़े खपत वाले केंद्रों तक पहुँचाने की कोशिशें तेज़ कर दी हैं। ‘कांदा एक्सप्रेस’ नाम की इस पहल के तहत शुरुआत में दिल्ली, चेन्नई, मदुरै, एर्नाकुलम और गुवाहाटी में प्याज की सप्लाई की जाएगी। सरकारी एजेंसियां NAFED और NCCF ग्राहकों को राहत देने के लिए खुदरा बाज़ारों में 35 रुपये प्रति किलो के भाव पर प्याज बेचेंगी।
सोमवार को चेन्नई में प्याज लगभग 60 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा था, जबकि पिछले साल यह 33 रुपये प्रति किलोग्राम था। दिल्ली में खुदरा कीमत 55 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जबकि एक साल पहले यह 35 रुपये थी; वहीं कोलकाता में कीमत लगभग 53 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने कहा कि केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र के नासिक से बड़े खपत वाले केंद्रों तक रेलवे रेक के ज़रिए बड़ी मात्रा में प्याज़ पहुँचाना शुरू कर दिया है। 'कांदा एक्सप्रेस' सिस्टम के तहत, सरकार के बफ़र स्टॉक से प्याज़ उन शहरों में भेजा जा रहा है जहाँ कीमतें और माँग ज़्यादा बनी हुई हैं।
खरे ने कहा कि रेलवे रेक में लदा प्याज़ बुधवार तक तय केंद्रों पर पहुँचने की उम्मीद है। पहली खेप चेन्नई, मदुरै, दिल्ली, एर्नाकुलम और गुवाहाटी भेजी जाएगी। बाज़ार की माँग और कीमतों के हालात के आधार पर बाद में और शहरों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। सरकार नासिक में जमा प्याज़ को बड़ी मात्रा में मुख्य खपत वाले केंद्रों तक पहुँचाएगी। इसके बाद इस स्टॉक की सप्लाई थोक और खुदरा बाज़ारों में की जाएगी। NAFED और NCCF चुने हुए खुदरा आउटलेट्स के ज़रिए ग्राहकों को सीधे 35 रुपये प्रति किलो के भाव पर प्याज़ बेचेंगे। इस कदम का मकसद उन इलाकों में प्याज़ की उपलब्धता बढ़ाना है जहाँ कीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं और कीमतों में और बढ़ोतरी को रोकना है।
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