By अभिनय आकाश | Aug 25, 2026
जोधपुर में राजस्थान हाई कोर्ट ने Gen Z, Gen Alpha और Gen Beta पर असर डालने वाली कई चिंताओं पर ध्यान दिया है। इनमें स्कूलों के अंदर और आस-पास जंक फूड, बढ़ता स्क्रीन टाइम, बार-बार पेपर लीक होना, ग्रामीण स्कूलों में खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में सीखने की बुनियादी स्किल्स में संभावित गिरावट जैसी बातें शामिल हैं। सोमवार को जस्टिस अनूप कुमार ढंड की सिंगल बेंच ने कई निर्देश जारी किए। इनमें स्कूल कैंटीन और स्कूल गेट से 50 मीटर के दायरे में ज़्यादा फैट, ज़्यादा शुगर और ज़्यादा नमक वाले खाने-पीने की चीज़ों की बिक्री पर रोक लगाना शामिल है। इस रोक में कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, चिप्स, ट्रांस फैट वाले बेकरी प्रोडक्ट्स और दूसरे जंक फूड शामिल हैं। कोर्ट ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे चार हफ़्ते के अंदर 'स्कूल फ़ूड सेफ़्टी एंड न्यूट्रिशन कमिटी' (स्कूल खाद्य सुरक्षा और पोषण समिति) बनाएं, जिसमें शिक्षक, माता-पिता और छात्र प्रतिनिधि सदस्य के तौर पर शामिल हों। इन कमिटियों की जानकारी शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर अपलोड की जानी चाहिए।