By रेनू तिवारी | Apr 03, 2026
भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में एक ऐतिहासिक विलय और अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने दुबई स्थित संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दूसरे सबसे बड़े बैंक, एमिरेट्स एनबीडी (Emirates NBD) को निजी क्षेत्र के आरबीएल बैंक (RBL Bank) में 74 प्रतिशत तक हिस्सेदारी खरीदने की हरी झंडी दे दी है। इस सौदे के बाद RBL बैंक एक 'विदेशी बैंक' की श्रेणी में आ जाएगा। शेयर बाजार को दी गई सूचना के अनुसार, RBI ने यह मंजूरी 1 अप्रैल 2026 को दी है, जो एक वर्ष की अवधि के लिए वैध रहेगी।
आरबीआई ने कहा कि ऐसे बैंक पर पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी मॉडल के तहत संचालित विदेशी बैंकों के लिए नियत प्रावधान लागू होंगे। हालांकि निदेशक मंडल बैठकों में उपस्थित निदेशकों में कम से कम आधे स्वतंत्र निदेशक होने की शर्त इस पर लागू नहीं होगी। बैंक को अपने ‘आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन’ में आवश्यक संशोधन कर आरबीआई से मंजूरी लेने को कहा गया है और बैंक इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएगा।
आरबीआई ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों के अधीन ईएनबीडी को आरबीएल बैंक का प्रवर्तक वर्गीकृत करने पर भी कोई आपत्ति नहीं जताई है। बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 12(2) के तहत ईएनबीडी के मताधिकार को आरबीएल बैंक के कुल मतदान अधिकारों के 26 प्रतिशत तक सीमित रखा जाएगा। ईएनबीडी को ‘सिंगल मोड ऑफ प्रेजेंस’ की शर्त से अस्थायी छूट दी गई है जब तक कि भारत में उसकी शाखाओं का आरबीएल बैंक के साथ विलय नहीं हो जाता या अधिकतम एक वर्ष की अवधि पूरी नहीं हो जाती।
आरबीआई ने स्पष्ट किया कि यह मंजूरी भारत सरकार से 49 प्रतिशत से अधिक निवेश के लिए आवश्यक स्वीकृति, बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949, विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) 1999, सेबी नियमों तथा अन्य लागू नियमों के अनुपालन के अधीन होगी। इस प्रस्तावित सौदे को अभी अन्य नियामकीय मंजूरियां और 18 अक्टूबर 2025 को निवेशक एवं बैंक के बीच हुए निवेश समझौते में उल्लिखित शर्तों को भी पूरा करना होगा। इससे पहले जनवरी में प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने भी एमिरेट्स एनबीडी बैंक के आरबीएल बैंक में बहुलांश हिस्सेदारी खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।