By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 19, 2026
मलेशिया एयरलाइंस की मूल कंपनी मलेशिया एविएशन ग्रुप के प्रमुख कैप्टन नसरुद्दीन ए बकर ने सोमवार को कहा कि टिकाऊ विमानन ईंधन की ऊंची लागत की भरपाई के लिए यात्रियों पर हरित शुल्क लगाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इससे हवाई टिकटों की कीमतें और बढ़ सकती हैं। बकर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब दुनियाभर की विमानन कंपनियां कार्बन उत्सर्जन घटाने की कोशिश कर रही हैं। साथ ही, वे टिकाऊ विमानन ईंधन (एसएएफ) की अत्यधिक लागत और सीमित उपलब्धता की चुनौती से भी जूझ रही हैं।
संगठन के अनुसार, टिकाऊ विमानन ईंधन के इस्तेमाल से इस उद्योग का उत्सर्जन करीब 65 प्रतिशत तक घटाया जा सकता है। नसरुद्दीन ने कहा कि उनका समूह कार्बन उत्सर्जन घटाने की प्रतिबद्धता के तहत विमानों के बेड़े को आधुनिक बनाने और एसएएफ के इस्तेमाल पर ध्यान देगा। मलेशिया एयरलाइंस पहले ही ईंधन की कम खपत करने वाले 40 एयरबस ए330नियो और 55 बोइंग 737 मैक्स विमानों के ऑर्डर देकर अपने बेड़े का आधुनिकीकरण कर रही है।
उन्होंने कहा कि हरित शुल्क लगाने का फैसला सरकार को करना है। हालांकि, एसएएफ की लागत घटाने के लिए नियामकों, ईंधन आपूर्तिकर्ताओं और एयरलाइंस को मिलकर काम करना होगा। नसरुद्दीन ने साथ ही आगाह किया कि पूरी लागत उपभोक्ताओं पर डालने से हवाई यात्रा कम आकर्षक हो सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर लागत बहुत ज्यादा नहीं है, तो शायद इसका कुछ और हिस्सा यात्रियों पर डाला जा सकता है। अगर लागत बहुत ज्यादा है, तो हम ऐसा नहीं कर पाएंगे।’’ उन्होंने यह भी कहा कि टिकटों की कीमतें और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। नसरुद्दीन ने कहा, ‘‘मैं भविष्य के बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकता।’’