Malegaon Blast Case 2008: कोर्ट के फैसले को ओवैसी ने बताया निराशाजनक, पूछा- छह लोगों की हत्या किसने की?

By अंकित सिंह | Jul 31, 2025

2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में पूर्व भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर सहित सभी सात आरोपियों को एक विशेष अदालत द्वारा बरी किए जाने के तुरंत बाद, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल पूछा कि छह लोगों की हत्या किसने की? अदालत का यह फैसला महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए एक शक्तिशाली बम विस्फोट के लगभग 17 साल बाद आया है, जिसमें छह लोग मारे गए थे और सौ से ज़्यादा घायल हुए थे। यह विस्फोट 29 सितंबर 2008 की रात को, मुंबई से लगभग 200 किलोमीटर दूर, सांप्रदायिक रूप से तनावपूर्ण शहर के भिक्कू चौक के पास, रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान हुआ था। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष मामले में आरोपों को साबित करने में विफल रहा और सभी सातों आरोपी संदेह का लाभ पाने के हकदार हैं।

एआईएमआईएम नेता ने कहा कि 2016 में, इस मामले की तत्कालीन अभियोजक रोहिणी सालियान ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने उनसे आरोपियों के प्रति नरम रुख अपनाने को कहा था। उन्होंने महाराष्ट्र के पूर्व आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) प्रमुख हेमंत करकरे का भी ज़िक्र किया, जो बाद में 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों में मारे गए थे। उन्होंने कहा कि याद कीजिए, 2016 में इस मामले की तत्कालीन अभियोजक रोहिणी सालियान ने आधिकारिक तौर पर कहा था कि एनआईए ने उनसे आरोपियों के प्रति नरम रुख अपनाने को कहा था। याद कीजिए, 2017 में, एनआईए ने साध्वी प्रज्ञा को बरी करवाने की कोशिश की थी। वही साध्वी प्रज्ञा 2019 में भाजपा सांसद बनीं। करकरे ने मालेगांव में हुई साज़िश का पर्दाफ़ाश किया था और दुर्भाग्य से 26/11 के हमलों में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा मारे गए थे। भाजपा सांसद ने आधिकारिक तौर पर कहा था कि करकरे ने उन्हें श्राप दिया था और उनकी मृत्यु उसी श्राप का परिणाम थी।

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इस घातक विस्फोट के लिए सात लोगों पर मुकदमा चलाया गया था, जिनमें प्रज्ञा ठाकुर, पूर्व सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित, मेजर (सेवानिवृत्त) रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी शामिल थे। आज अपना फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने सफलतापूर्वक साबित कर दिया कि विस्फोट हुआ था, लेकिन एनआईए यह साबित करने में विफल रही कि मोटरसाइकिल में बम लगाया गया था।

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