Malhar Rao Holkar Death Anniversary: North India के 'King Maker' मल्हार राव होलकर, जानें कैसे एक चरवाहे ने रचा था सुनहरा इतिहास

By अनन्या मिश्रा | May 20, 2026

होल्कर राजवंश के संस्थापक और महान मराठा सूबेदार मल्हार राव होलकर का निधन 20 मई को निधन हो गया था। मल्हार राव होलकर ने फर्श से अर्श तक का सफर अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर तय किया था। होलकर गैर सैनिक परिवार से आते थे, इसके बाद भी उन्होंने अपने साहस के दम पर एक राजवंश की स्थापना की, जोकि मराठा साम्राज्य को महाराष्ट्र के बाहर ले गया।

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पेशवा के करीबी

होलकर जल्द ही पेशवा के करीबी हो गए। उनको 500 सैनिकों का दस्ता दिया गया। वहीं 1728 में हैदराबाद के निजाम के साथ मराठों की लड़ाई में मल्हार राव होलकर की अहम भूमिका रही। उन्होंने अपनी छोटी सी टुकड़ी के दम पर निजाम को मिलने वाली मुगल की रसद को रोक दिया। जिस कारण निजाम को हराने में पेशवा को मदद मिली। इससे पेशवा, मल्हार राव से काफी प्रभावित हुए और उनको पश्चिमी मालवा का बड़ा इलाका सौंप दिया और कई हजार घुड़सवार उनके अंडर में दे दिए।

कई लड़ाइयों में हिस्सेदारी

1737 में दिल्ली में हुई जंग हो या फिर 1738 में भोपाल में निजाम को हराना। मल्हार राव का इनमें पूरा-पूरा योगदान रहा। यहां तक कि होलकर ने पुर्तगालियों से भी लड़ाइयां जीती थीं। 1748 आते-आते होलकर की स्थिति मालवा में बेहद मजबूत हो चुकी थी। उनको उत्तरी और मध्य भारत का 'किंग मेकर' कहा जाने लगा। इंदौर की रियासत होलकर के अधीन कर दी गई। वह हमेशा मराठा साम्राज्य के लिए जंग लड़ते रहे। 

मृत्यु

वहीं 20 मई 1766 को मल्हार राव होलकर की आलमपुर में मृत्यु हो गई थी।

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