By एकता | Sep 06, 2026
दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नाराज फूफा' वाले बयान को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष के लिए नए-नए विशेषण देना उनकी राजनीति का हिस्सा बन गया है। कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री ऐसे बयानों के जरिए सरकार की नाकामियों से ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं।
खरगे ने आरोप लगाया कि युवाओं के सवालों का जवाब देने के बजाय प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधने के लिए नए राजनीतिक विशेषणों का इस्तेमाल किया।
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री की कथित 'मोडस ऑपरेंडी' पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतंत्र में सवालों को दबाने और विपक्ष के लिए नए-नए नाम गढ़ने की राजनीति करती है। इस दौरान खरगे ने 'नाराज फूफा', 'दिमागी नक्सल', 'अर्बन नक्सल', 'खान मार्केट गैंग', 'आंदोलनजीवी' और 'परजीवी' जैसे शब्दों का जिक्र किया।
खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और कथित जनविरोधी मुद्दों में बदलाव नहीं आया है, लेकिन विपक्ष के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द हर साल बदल जाते हैं।
उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के सामने बेरोजगारी, लंबे समय से अटकी सरकारी भर्तियां, पेपर लीक, महंगी होती शिक्षा, छात्रवृत्ति के घटते अवसर और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता जैसे कई सवाल हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के जरिए अपना 'रिपोर्ट कार्ड' दिखाया है, लेकिन देश के युवा भी अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर खड़े हैं। खरगे ने सवाल उठाया कि युवाओं के इन मुद्दों और सवालों पर सरकार की ओर से क्या जवाब दिया जा रहा है। इस बयान के बाद पीएम मोदी के SRCC भाषण को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।