By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 29, 2026
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ पर गहरी चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि पड़ोसी देश को तत्काल मानवीय एवं राहत सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए सभी जरूरी प्रबंध किए जाएं। उन्होंने 28 अगस्त को प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को पत्र लिखा। खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में कहा कि नेपाल में बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है और हजारों लोग भोजन, दवाइयों, आश्रय तथा अन्य आवश्यक सहायता की तत्काल जरूरत का सामना कर रहे हैं।
संबंधित अधिकारियों को बचाव और निकासी के प्रयास तेज करने तथा उनकी सुरक्षित और जल्द भारत वापसी के लिए सभी आवश्यक इंतजाम करने के लिए जरूरी निर्देश जारी किए जाने का अनुरोध है।” उन्होंने कहा, “विदेश मंत्रालय से मिली नवीनतम जानकारी के अनुसार, करीब 320 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है।” गृह मंत्री शाह को लिखे पत्र में खरगे ने कहा, “यह बड़े दुख के साथ लिख रहा हूं कि नेपाल हाल में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण उत्पन्न गंभीर प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। जान-माल की क्षति, घरों और बुनियादी ढांचे का व्यापक विनाश तथा अनगिनत लोगों के विस्थापन ने प्रभावित समुदायों को अत्यंत संकट की स्थिति में पहुंचा दिया है।” उन्होंने कहा, “भारत और नेपाल के लोगों के बीच गहरा एवं स्थायी संबंध है। इस गहरे दुख की घड़ी में भारत को अपने पड़ोसियों के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए और इस विनाशकारी आपदा से प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता देनी चाहिए।” खरगे ने नेपाल को तत्काल और व्यापक मानवीय तथा आपदा राहत सहायता देने पर विचार करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, “जहां भी आवश्यक हो और नेपाल सरकार के साथ समन्वय में, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों की तैनाती पर विचार किया जा सकता है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में बचाव, निकासी और राहत अभियानों में सहायता की जा सके।” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में एनडीआरएफ की विशेषज्ञता और अनुभव लोगों की जान बचाने तथा संकट का सामना कर रहे लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाने के प्रयासों में महत्वपूर्ण सहयोग दे सकते हैं। खरगे ने उम्मीद जताई कि गृह मंत्रालय इस मामले की गंभीरता और तात्कालिकता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाएगा तथा नेपाल के बाढ़ प्रभावित लोगों तक भारत की सहायता पहुंचाना सुनिश्चित करेगा।