By नीरज कुमार दुबे | Jan 28, 2026
महाराष्ट्र में बारामती की धरती पर हुआ विमान हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं रहा, बल्कि सिस्टम की विफलताओं पर गंभीर सवाल भी खड़े कर गया। जिस बारामती ने अजित पवार को राजनीति की ऊंचाइयों तक पहुंचाया, वही शहर उनके जीवन की अंतिम कहानी का गवाह बन गया। यह विडंबना तीखी भी है और दर्दनाक भी। हम आपको बता दें कि हादसे में शामिल विमान लियरजेट 45 एक्स आर था, जो वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व में था। यह कंपनी देश की प्रमुख नॉन शेड्यूल विमान संचालकों में गिनी जाती है। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले ढाई वर्षों में महाराष्ट्र में यह दूसरी घटना थी जिसमें इसी कंपनी का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। सितंबर 2023 में मुंबई में इसी कंपनी के एक अन्य लियरजेट विमान का हादसा हुआ था, हालांकि तब किसी की जान नहीं गयी थी।
पिछली दुर्घटना 14 सितंबर 2023 को हुई थी। वह विमान विशाखापट्टनम से मुंबई की ओर आ रहा था। उड़ान सामान्य रही, लेकिन मुंबई हवाई अड्डे पर भारी बारिश और कम दृश्यता के बीच लैंडिंग के समय स्थिति बिगड़ गयी थी। ऑटो पायलट हटने के कुछ ही सेकंड बाद कॉकपिट में स्टिक शेकर और स्टाल चेतावनी गूंज उठी। इसके बाद ईजीपी डब्ल्यू एस चेतावनियां मिलीं और विमान टैक्सीवे के पास जोरदार तरीके से टकरा गया था। विमान दो हिस्सों में टूट गया और आग लग गयी। तब सभी यात्री बच गये, लेकिन इस बार किस्मत ने साथ नहीं दिया।
आज हुए हादसे के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गयी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिये और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ बारामती के लिए रवाना हो गये। राज्य सरकार ने तत्काल सार्वजनिक अवकाश घोषित किया और तीन दिन के राजकीय शोक का एलान किया।
राजनीतिक माहौल और भी गरमा गया जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अजित पवार की मौत को लेकर साजिश की आशंका जता दी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग करते हुए इशारा किया कि अजित पवार महायुति से दूरी बना रहे थे। इस बयान ने हादसे को महज तकनीकी विफलता मानने से इंकार करने वालों को और आवाज दे दी। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी हादसे की जांच की मांग को अपना समर्थन दिया।
देखा जाये तो यह हादसा सिर्फ एक नेता की मौत नहीं है, यह पूरे सिस्टम की नाकामी का आईना है। बार बार वही कंपनी, वही विमान मॉडल और वही चेतावनियां, फिर भी सब कुछ अनदेखा। क्या यह लापरवाही नहीं है? लियरजेट 45 एक्स आर एक आधुनिक और भरोसेमंद विमान माना जाता है। इसकी गति, रेंज और आराम की खूबियां गिनाई जाती हैं। यह आठ यात्रियों को ले जाने में सक्षम है, मैक की रफ्तार से उड़ सकता है और 51 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है। फिर भी यदि इसमें सुरक्षा खामी का उभरना चौंकाता है।
इसके अलावा, अजित पवार की राजनीतिक यात्रा भी इस हादसे की तरह उतार चढ़ाव से भरी रही। बारामती से कांग्रेस के टिकट पर राजनीति शुरू करने वाले अजित पवार बाद में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के स्तंभ बने। शरद पवार की छाया में पले बढ़े इस नेता ने अपनी अलग पहचान बनाई, लेकिन सत्ता की रस्साकशी में वह हमेशा विवादों में रहे। उनकी मौत ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक खालीपन तो पैदा किया ही है, साथ ही कई अनकहे सवाल भी छोड़ दिये हैं।
बहरहाल, ममता बनर्जी का बयान महज राजनीतिक बयानबाजी कह कर टाला नहीं जा सकता। जरूरत है कि जांच पूरी पारदर्शिता से हो, ताकि सच सामने आये और अफवाहों का बाजार बंद हो। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस हादसे से सबक लिया जायेगा या इसे भी फाइलों में दफना दिया जायेगा। जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।