By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 26, 2026
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग (ईसी) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिये वैध मतदाताओं के नाम हटाकर राज्य विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत में मदद की। उन्होंने राज्य पुलिस पर मुर्शिदाबाद की अल्पसंख्यक बहुल रेजीनगर विधानसभा सीट पर छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले सत्तारूढ़ भाजपा के इशारे पर काम करने का भी आरोप लगाया। मई में विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की हार के बाद राज्य की राजधानी कोलकाता के बाहर अपनी पहली जनसभा के तहत हुगली जिले के श्रीरामपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा और हालिया खबर का स्पष्ट संदर्भ देते हुए कहा कि “भाजपा ने निर्वाचन आयोग का किस तरह इस्तेमाल किया, इसका सच अब सामने आ चुका है।
बनर्जी ने आरोप लगाया कि इस कवायद का उद्देश्य राज्य पर कब्जा करने में भाजपा की मदद करना था। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल में राज्य पर कब्जा करने के लिए एसआईआर कराया गया था। 93 लाख नाम या तो हटा दिए गए या उन्हें विचाराधीन रखा गया।” पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि उसका काम लोगों की सुरक्षा करना है, न कि उन्हें राजनीतिक बैठकों में शामिल होने से रोकना।
उन्होंने कहा, “पुलिस मेरी दुश्मन नहीं है। उसका काम लोगों की रक्षा करना है। लेकिन आज वह क्या कर रही है?” उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीरामपुर में टीएमसी समर्थकों को शुक्रवार रात उनके घरों से उठा लिया गया ताकि उन्हें उनकी (बनर्जी) सभा में आने से रोका जा सके।
रेजीनगर में उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस “भाजपा के इशारे पर काम कर रही है” और अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों से उनके मतदाता पहचान पत्र छीन रही है।