By अभिनय आकाश | Jan 09, 2026
पश्चिम बंगाल में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन इससे पहले ही कोलकाता में बड़ा सियासी ड्रामा हुआ। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की दो टीमें इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के दो ठिकानों पर पहुंची। ईडी 2020 के कोयला तस्करी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच कर रही है। एक टीम ने आई-पैक के डायरेक्टर प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित घर तो दूसरी ने सॉल्टलेक स्थित दफ्तर पर छापा मारा। जांच एजेंसी के इस कदम से बंगाल की सीएम भड़क गईं और उनके निशाने पर गृह मंत्री आ गए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध और अपराध करार दिया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को घटिया और शरारती बताया। ममता ने कहा कि क्या यही तरीका है देश के गृह मंत्री का, जो देश की सुरक्षा नहीं कर पा रहे और चुनाव से पहले एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहे हैं? प्रधानमंत्री को अपने गृह मंत्री को कंट्रोल करना चाहिए। अगर हम भी बीजेपी के दफ्तरों पर रेड करें, तो क्या होगा ? ईडी हमारी चुनावी रणनीति, एसआईआर का डेटा और बाकी जानकारी ले गई है।
मुख्यमंत्री बनर्जी ने बाद में कहा कि जब जैन से फोन पर संपर्क नहीं हो पाया तो उन्हें कुछ गड़बड़ का एहसास हुआ। कमिश्नर वर्मा और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सुबह 10:30 से 11:30 बजे के बीच जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर ईडी अधिकारियों की पहचान की जांच करने पहुंचे। बनर्जी दोपहर करीब 12 बजे वहां पहुंचीं और सात मिनट रुकने के बाद एक हरे रंग का फोल्डर, एक हार्ड ड्राइव और एक मोबाइल फोन लेकर चली गईं। उन्होंने पूछा कि अमित शाह ने ईडी को हमारी पार्टी की चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों की सूची छीनने के लिए भेजा है। क्या यही ईडी का काम है?
ममता बनर्जी की चुनावी रणनीति बनाते हैं। इसलिए जब सीएम ममता को छापे की सूचना मिली तो वे पुलिस अफसरों के साथ सीधे प्रतीक के घर पहुंच गईं। 20-25 मिनट यहीं रहीं और फिर एक फाइल फोल्डर लेकर निकल गईं। इसके बाद वे प्रतीक के दफ्तर गईं। यहां से करीब 3:30 घंटे बाद निकलीं। देश में संभवतः पहली बार है, जब किसी सीएम ने छापे के बीच ऐसा कदम उठाया हो। ईडी ने इस मामले में देशभर में 10 ठिकानों पर छापे मारे। इनमें 6 बंगाल तो 4 दिल्ली के हैं।