ममता ने राज्यपाल को Twitter पर किया ब्लॉक, कहा- हम उनके बंधुआ मजदूर नहीं, धनखड़ बोले- कानून के राज को कोई ब्लॉक नहीं कर सकता

By अभिनय आकाश | Jan 31, 2022

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल जगदीप धनखड़ को ट्विटर पर ब्लॉक कर दिया है क्योंकि वह उनके ट्वीट से 'परेशान' हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्यपाल एक "सुपर गार्ड" की तरह काम कर रहे और सरकारी अधिकारियों को "अपने नौकर" के रूप में देख रहे हैं। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने पलटवार करते हुए कहा कि कानून का राज कोई ब्लॉक नहीं कर सकता है। धनखड़ ने कहा कि संवैधानिक नियमों को सभी को मानना चाहिए। 

अधिकारियों को दे रहे धमकी 

सीएम बनर्जी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बहुत हो गया, बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ के ट्वीट से परेशान होकर, उन्हें माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर ब्लॉक कर दिया है। बनर्जी ने आगे आरोप लगाया कि धनखड़ ने कई मौकों पर मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को धमकी दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर धनखड़ को हटाने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। मुख्यमंत्री धनखड़ को हटाने की मांग करते हुए पूर्व में पीएम को चार पत्र लिख चुके हैं।

हम उनके बंधुआ मजदूर नहीं

ममता बनर्जी ने कहा कि हर सुबह और शाम, वह (बंगाल के राज्यपाल) हम पर आरोप लगाते और हमला करते हुए ट्वीट करते हैं, जैसे कि वे ही सर्वोच्च हैं और हम बंधुआ मजदूर हैं। मैं इसे नहीं ले सकता। मैंने आज उन्हें ट्विटर पर ब्लॉक कर दिया है।

कानून के नियमों को “ब्लॉक” नहीं किया जा सकता 

ममता के बयान के बाद राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 159 के तहत यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि राज्य में कोई भी संवैधानिक मानदंड और कानून के नियमों को “ब्लॉक” नहीं किया जा सकता है, जो “भारत के संविधान के प्रति सच्ची आस्था और निष्ठा रखते हैं। 

प्रमुख खबरें

Health Tips: ये है जादुई गंधराज नींबू, Body Detox कर चेहरे पर लाएगा Natural Glow

Skin Care: रोज ट्रैवल करने के बावजूद स्किन को कैसे रखें क्लीन और ग्लोइंग, जानें यहां

Rashmika Mandanna- Vijay Deverakonda Haldi Picture | हल्दी नहीं, ये तो हल्दी-होली है! रश्मिका ने शेयर कीं अनदेखी तस्वीरें

PM Modi से सपरिवार मिले Varun Gandhi, क्या खत्म होगा सियासी वनवास? BJP में वापसी के संकेत?