तमिलनाडु-तेलंगाना के CMs से ममता ने की बात, कहा- संघीय ढांचे को बचाने की कोशिश की

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 14, 2022

कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाने का प्रयास कर रही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि उन्होंने तमिलनाडु तथा तेलंगाना के अपने समकक्षों से बात की और वे एक साथ मिलकर ‘‘देश के संघीय ढांचे का ध्वस्त किए जाने से बचाने’’ की कोशिश कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) के लिए प्रचार करने पिछले सप्ताह उत्तर प्रदेश गयीं तृणमूल सुप्रीमो ने कहा कि उस राज्य का मुख्यमंत्री ‘‘योगी नहीं बल्कि भोगी है।’’ उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने देश के ‘‘वृहद हित’’ को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश में चुनाव न लड़ने का फैसला किया। ममता बनर्जी ने कहा कि टीएमसी ने उत्तर प्रदेश में कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया क्योंकि मैं नहीं चाहती कि अखिलेश यादव (सपा प्रमुख) किसी भी सीट पर कमजोर पड़ें। चुनाव के पहले चरण में मुझे उम्मीद है कि अखिलेश की पार्टी 57 में से 37 सीटों पर जीत दर्ज करेगी।

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने दावा किया, ‘‘उस राज्य में महिलाओं को जिंदा जला दिया जाता है और किसानों की हत्या कर दी जाती है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह वाराणसी में रैली करने के लिए तीन मार्च को उत्तर प्रदेश जाएंगी। उन्होंने कहा, ‘‘देश को तभी बचाया जा सकता है अगर पहले भाजपा के खिलाफ उत्तर प्रदेश को बचाया जाए। अगर हम 2024 में नरेंद्र मोदी को हराना चाहते हैं तो उत्तर प्रदेश तथा बंगाल जैसे बड़े राज्य सबसे ज्यादा मायने रखेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वहां का मुख्यमंत्री ‘योगी’नहीं बल्कि ‘भोगी’ है। अगर भारत को बचाना है तो पहले उत्तर प्रदेश को बचाना होगा।’’ बनर्जी ने कहा कि वह वाराणसी में एक रैली करने के लिए तीन मार्च को फिर से उत्तर प्रदेश जाएंगी। टीएमसी नेता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के किसी भी क्षेत्रीय दल से अच्छे संबंध नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अपने आप को धर्मनिरपेक्ष होने का दावा करने वाले लोगों का यह कर्तव्य है कि वह सभी को एक मंच पर लाए। मैंने कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी से भी वृहद हित में हाथ मिलाने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने सुनी नहीं, इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं कर सकती। मेरी किसी से भी निजी दुश्मनी नहीं है। कांग्रेस अपने रास्ते चल सकती है, हम अपने रास्ते पर चलेंगे।’’ बनर्जी ने कहा कि देश को ‘‘नफरत और अत्याचारों के बीजों’’ से मुक्त करने का वक्त आ गया है। उन्होंने कहा कि भारत ‘‘अपने संविधान के ध्वस्त होने के साथ ही राष्ट्रपति रूप से सरकार बनाने की ओर बढ़ रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और तेलंगाना के अपने समकक्ष के चंद्रशेखर राव से बात की है और हम देश के संघीय ढांचे की रक्षा करने की कोशिश कर रहे हैं।’’ 

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