By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 22, 2021
ठाणे (महाराष्ट्र)। जिला अदालत ने फिरौती के लिए एक नाबालिग का अपहरण करने के जुर्म में 35 वर्षीय व्यक्ति को दोषी करार देते हुए सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनायी। वर्ष 2015 के अपहरण के इस मुकदमे में अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में एक अन्य आरोपी को बरी कर दिया। जिला और सत्र अदालत के न्यायाधीश शैलेन्द्र ताम्बे ने कलीम इशाक अंसारी को भारतीय दंड संहिता की धारा 387 (ज़बरदस्ती वसूली करने के लिए किसी व्यक्ति को स्वयं उसकी या किसी अन्य व्यक्ति की मॄत्यु या गंभीर आघात को लेकर भयभीत करना) के तहत दोषी करार देते हुए सजा सुनायी और 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।