By दिव्यांशी भदौरिया | Jun 08, 2026
जून के महीने में भीषण गर्मी का कहर देखने को मिल रहा है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के थपेड़े शरीर को बुरी तरह से झकझोर कर देंते हैं। तेज धूप से लू लगने और हीट स्ट्रेस का खतरा भी अधिक रहता है। लेकिन हमारे पारंपरिक खान-पान में इनसे बचने के कुछ खास उपाय भी है।
कैरी की चटनी
गर्मियों के मौसम में सबसे ज्यादा पसीना निकालता है जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस की समस्या सबसे अधिक देखने को मिलती है। इस कारण से लू लगने का खतरा अधिक हो जाता है। इसलिए कच्चे आम से बनी चटनी में काला नमक, भुना जीरा और नमक मिलाया जाता है, तो यह इलोक्ट्रोलाइट सप्लीमेंट का काम करती हैं। कैरी चटनी के सेवन से शरीर में पानी की कमी को रोकती है और डिहाइड्रेशन का खतरा कम करती है।
वहीं, कच्चा आम शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसलिए गर्मी के मौसम में लू से बचने के लिए आम पन्ना या कैरी की चटनी काफी फायदेमंद होती है।
पुदीने की चटनी
अक्सर गर्मियों में पाचन सुस्त पड़ जाता है। जिस कारण से पेट में भारीपन, गैस और ब्लोटिंग की परेशनियां शुरु हो जाती है। पुदीने के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पेट को आराम पहुंचाती है और मेंथॉल ठंडक का एहसास करवाती है। इसके साथ ही पुदीना शरीर को अंदर से ठंडा बनाए रखता है और गर्मी से होने वाली बेचैनी को शांत करता है। अगर आप पुदीने की चटनी में दही, धनिया और नींबू का रस मिलाते हैं, तो इससे आपके बॉडी तासीर ठंडी हो जाएगी और गर्मियों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
दोनों में से क्या है ज्यादा फायदेमंद?
खासतौर पर लू और हीट स्ट्रेस से बचाव और डिहाइड्रेशन से लड़ने की बात की जाए, तो कैरी की चटनी का पलड़ा भारी है। क्योंकि लू से बचने के लिए शरीर को सोडियम और मिनरल्स की जरुरत होती है, जो कैरी की चटनी से भरपूर मात्रा में मिलते हैं।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पुदीना फायदेमंद नहीं है। पेट की गर्मी को शांत करने और खाना पचाने के लिए पुदीना की चटनी सबसे बेस्ट है।