By नीरज कुमार दुबे | Jan 12, 2026
पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर के विवादास्पद बयानों के चलते कांग्रेस पार्टी एक बार फिर मुश्किल में फँसती नजर आ रही है। मणिशंकर अय्यर ने पाकिस्तान और हिंदुत्व को लेकर जो विवादित बातें कही हैं वह ऐसे समय पर बड़ा मुद्दा बन सकती हैं जब महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए मतदान करीब है और जल्द ही पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं। हम आपको बता दें कि मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि हिंदू धर्म और हिंदुत्व को एक ही नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा है जो भय और आशंका के भाव को प्रोत्साहित करती है जबकि हिंदू धर्म वर्षों से आत्मिक बल और सहिष्णुता का संदेश देता रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुत्व बहुसंख्यक मूल्यों को छोटे समूहों के सामने खड़ा दिखाने की अतार्किक और विभाजनकारी सोच को जन्म देता है। उन्होंने साथ ही कहा कि अब भारत को ऑपरेशन सिंदूर समाप्त कर देना चाहिए और पाकिस्तान के साथ बातचीत के द्वार खोलने चाहिए जिससे तनाव को कम किया जा सके।
हम आपको बता दें कि मणिशंकर अय्यर की इन टिप्पणियों के जवाब में भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस पाकिस्तान के एजेंडा को बढ़ावा देने का काम कर रही है। भाजपा ने कांग्रेस पार्टी पर तंज कसते हुए उसे इस्लामाबाद नेशनल कांग्रेस बता दिया और दावा किया कि कांग्रेस आतंकवाद के खिलाफ भारत की कठोर नीति को कमजोर कर रही है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर बार पाकिस्तान के पक्ष में बयान देती रही है और यह पार्टी भारतीय सेना तथा सुरक्षा बलों का अपमान कर रही है। भाजपा ने यह भी कहा कि कांग्रेस का नरम रुख राष्ट्रीय सुरक्षा की भावना को चोट पहुंचाता है और देश के खिलाफ गलत सन्देश भेजता है।
बहरहाल, देखा जाये तो ऑपरेशन सिंदूर पर कांग्रेस नेता की सलाह ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस पाकिस्तान के साथ बातचीत का पक्ष ले रही है और इससे सुरक्षा बलों के मनोबल पर असर पड़ेगा। वहीं हिंदू धर्म और हिंदुत्व की जो परिभाषा मणिशंकर अय्यर ने बताई है वह भी कांग्रेस के लिए नया सिरदर्द बन सकती है।