By योगेंद्र योगी | Jan 13, 2026
पुलिस का दायित्व है कानून—व्यवस्था बनाए रखना और कानूनों की पालना कराना। ऐसे में पुलिस की जिम्मेदारी निभाने के दौरान यदि पुलिसकर्मियों पर हमला हो तो मानना चाहिए कि देश का एक तबका कानून और अदालतों पर भरोसा नहीं रखता है। दिल्ली में तुर्कमान गेट पर अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान यही हुआ। विपक्षी राजनीतिक दल इस मुद्दे पर अब चुनावी रोटियां सेकने में लगे हुए है। अल्पसंख्यक वोट की राजनीति के कारण ऐसे हालात पैदा होते हैं। दिल्ली महानगर निगम ने हाईकोर्ट के निर्देशों की पालना में तुर्कमान गेट के पास फैज—ए—इलाही दरगाह के बाहर अतिक्रमण हटाने गए दस्ते और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया। अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रशासन पर हुई पत्थरबाजी के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
यह पहला मौका नहीं है जब अल्पसंख्यक इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस और कार्मिकों को पथराव का सामना करना पड़ा हो। इस वर्ष के शुरूआत में ही देश में कई स्थानों पर अल्पसंख्यक इलाकों में अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस और प्रशासन पर सुनियोजित तरीके से हमले किए गए। इसके बाद पुलिस ने सख्ती का इस्तेमाल कर पत्थरबाजों के अवैध अतिक्रमण ढहाए। जयपुर शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर चौमूं बस स्टैंड के पास स्थित कलंदरी मस्जिद के सामने लंबे समय से पत्थर पड़े हुए थे। इसके अलावा यहां रेलिंग बनाई गई थी, जो कथित तौर पर अवैध थी। 25 दिसंबर 2025 की रात मस्जिद कमेटी और नगर निगम के बीच इन रेलिंग और पत्थरों को हटाने पर सहमति बनी थी। इसके बाद पुलिस ने रेलिंग हटाने की कार्रवाई शुरू की थी। इससे भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। हमले में कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू-गैस का छिड़काव और लाठीचार्ज कर स्थिति को संभाला था। इसके बाद अतिक्रमण वाली जगहों पर बुलडोजर चलाया गया। कार्रवाई में 25 मकानों में बनी करीब 40 दुकानों के बाहर तोड़फोड़ की गई है तीन कंपलेक्स को सीज किया गया है।
उत्तर प्रदेश में ऐसे अतिक्रमण हटाने के दौरान पत्थरबाजी करना अब आसान नहीं रहा है। दरअसल पत्थरबाजों को समझ में आ गया है योगी सरकार उनके अवैध घरों—व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर बुलडोजर चलवाए बिना नहीं मानेगी। यही वजह है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण ने लखनऊ के अलग-अलग इलाकों में अवैध निर्माणों को सील किया है। प्राधिकरण ने गोमती नगर विस्तार और चिनहट इलाके में अभियान चलाया है, जिसमें 4 अवैध निर्माण को सील किया गया है। वहीं, दुबग्गा इलाके में लखनऊ विकास प्राधिकरण से ले-आउट स्वीकृत कराए बिना की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया गया है। यहां 85 बीघा क्षेत्रफल में 7 अवैध प्लाटिंग की जा रही थीं, जिन्हें ध्वस्त कर दिया गया है।
पत्थरबाज अतिक्रमी कानून हाथ में लेने पर उत्तर प्रदेश सरकार का सख्त रवैया संभल में देख चुके हैं। संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के बाद अदालत के आदेश पर मस्जिद के आसपास बड़े पैमाने पर बिजली चोरी और अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया। जिसमें अवैध कनेक्शन काटे गए और कब्जे हटाए गए। समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर रहमान बर्क के इलाके में बुलडोजर की कार्रवाई की गई थी। संभल में हिंसा के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। करीब दर्जनभर अवैध दुकानों पर बुलडोजर चलाया गया। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि संभल या किसी अन्य जिले में किसी को भी अराजकता फैलाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। संभल का एक भी दंगाई बख्शा नहीं जाना चाहिए।
इसी तरह प्रयागराज हिंसा के बाद, मुख्य आरोपी जावेद अहमद के घर को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। नमाज के बाद भड़की हिंसा मामले के मुख्य आरोपी मोहम्मद जावेद उर्फ जावेद पंप के घर पर रविवार दोपहर बुलडोजर चलाया गया। जावेद के दो मंजिला आलीशान मकान पर भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई। सपा नेता आज़म खान के जौहर विश्वविद्यालय का उर्दू गेट 9 मार्च 2019 को ध्वस्त कर दिया गया था। आज़म खान ने सरकारी ज़मीन पर मुख्य सड़क का अतिक्रमण करते हुए गेट बनवाया था। गेट के निर्माण में लगभग 40 लाख रुपये खर्च हुए थे, जिसे भाजपा के सत्ता में आने के बाद ध्वस्त कर दिया गया। लखनऊ के अकबर नगर में विध्वंस अभियान के दौरान 1,200 से अधिक अवैध ढाँचे ध्वस्त किए गए। कुकरैल नदी के सौंदर्यीकरण और पुनरुद्धार परियोजना के तहत लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा लखनऊ के अकबर नगर में अब तक 1,200 से अधिक अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया जा चुका है।
इसमें कोई संदेह नहीं कि जिन राज्यों में भाजपा का शासन है, वहां पत्थरबाजों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है। इसके विपरीत विपक्षी दलों के शासन वाले राज्यों में अलबत्ता तो ऐसे अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाए ही नहीं गए। यदि चलाए भी गए तो पत्थरबाजों के प्रति नरम रवैया अपनाया गया। हरियाणा में भाजपा की सरकार है। यहां पर भी पत्थरबाजों की इमारतों पर बुलडोजर चला कर सरकार ने संदेश दिया कि कानून हाथ में लेने वालों की खैर नहीं है। हरियाणा के नुंह में ब्रजमंडल धार्मिक यात्रा के दौरान भड़की हिंसा के बाद 600 से ज्यादा अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। पूरे हरियाणा में करीब 104 एफआईआर दर्ज की गई। करीब 216 गिरफ्तारियां हुई।
मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने पत्थरबाजों को नहीं बख्शा। मध्य प्रदेश के छतरपुर में थाने पर पथराव करने की घटना सामने आई थी। भीड़ को पथराव के लिए उकसाने वाले हाजी शहजाद अली की कोठी पर बुलडोजर चलाया गया। अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के एक समूह ने गांधीनगर शहर से 38 किमी दूर बहियाल गांव में एक आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर कई दुकानों और वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और पथराव किया। पुलिस ने गांव में हुई झड़प और दंगे के लिए लगभग 60 लोगों को हिरासत में लिया था। गांधी नगर में गरबा पर पथराव करने वालों के 186 अवैध इमारत जमीदोंज कर दी गई।
हाउसिंग एंड लैंड राइट्स नेटवर्क की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2022 और 2023 में भारत में लगभग 1.5 लाख घरों (1,53,820) को गिराया गया, जिससे 7.4 लाख से ज़्यादा लोग बेदखल हुए। यह आंकड़े 2022 (46,371 घर) और 2023 (107,449 घर) के डेटा पर आधारित हैं और कई कारणों जैसे अवैध निर्माण, शहरी विकास और अन्य प्रशासनिक वजहों से ये घर ध्वस्त हुए। ये घर बुलडोजर कार्रवाई, अवैध निर्माण, शहरी नियोजन, और अन्य प्रशासनिक निर्णयों के कारण गिराए गए। 'भारत में बुल्डोजर अन्याय' और 'भारत के बुल्डोजर अन्याय में जेसीबी की भूमिका और जिम्मेदारी' नाम से दो रिपोर्ट एमनेस्टी इंटरनेशनल जारी की। इन रिपोर्ट्स में बताया गया है कि अप्रैल और जून 2022 के बीच लगभग 128 संपत्तियों पर बुल्डोजर से तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई।रिपोर्ट में बताया गया है कि असम, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली वो पांच राज्य हैं, जहां धार्मिक हिंसा और प्रदर्शनों के बाद मुस्लिम समुदाय के खिलाफ सरकार की भेदभावपूर्ण नीति देखने को मिली है और यहां सजा के तौर पर संपत्ति की तोड़फोड़ की गई है। रिपोर्ट में इस बात का जिक्र नहीं किया गया कि किस तरह अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस और प्रशासनिक दस्ते पर पथराव किए। हिंसा भड़काने के प्रयास किए गए। यह निश्चित है कि देश में ऐसे मामलों में कार्रवाई को जब तक राजनीतिक चश्मे से वोट बैंक के कारण देखा जाता रहेगा, पत्थबरबाजों के हौसले बुलंद रहेंगे।