By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 25, 2026
मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने रविवार को दावा किया कि उनके द्वारा जारी किए गए 500 करोड़ रुपये के ऑडियो क्लिप को फर्जी साबित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। जरांगे ने यह भी कहा कि शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत का इस ऑडियो क्लिप से कोई संबंध नहीं है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई ने आरोप लगाया है कि इस क्लिप की साजिश में राउत का हाथ है।
जरांगे ने आरोप लगाया कि मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रचने वाले लोग ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद हैरान हैं और अब इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तैयार किया गया बताकर फर्जी साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। जरांगे ने यहां अंकुशनगर में संवाददाताओं से जोर देकर कहा कि वायरल ऑडियो क्लिप असली है। उन्होंने आरोप लगाया, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को रिकॉर्डिंग की गहन जांच सुनिश्चित करनी चाहिए, जिसमें इसकी फॉरेंसिक जांच भी शामिल है।
यदि मुख्यमंत्री सच्चाई सामने लाने में नाकाम रहते हैं, तो इससे साजिश में उनकी खुद की संलिप्तता पर सवाल उठेंगे। जरांगे ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि ऑडियो क्लिप को लेकर सवालों का सामना कर रहे लोग खुद को बचाने के लिए आनन-फानन में दिल्ली जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्दे के पीछे से आंदोलन को पटरी से उतारने और उन्हें बदनाम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जरांगे ने कहा कि वह कथित साजिश में शामिल लोगों को मराठा समुदाय और महाराष्ट्र की जनता के सामने सबूतों के साथ बेनकाब करेंगे। एक सवाल के जवाब में जरांगे ने कहा, राउत का ऑडियो क्लिप से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ महायुति के घटक दल क्लिप की सच्चाई सामने लाने के बजाय एक-दूसरे को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
जरांगे ने नांदेड़ में एक किसान की मौत की गहन जांच करने की भी पुलिस से अपील की। महाराष्ट्र के नांदेड़ शहर में एक निजी वित्त कंपनी से कथित तौर पर 10,000 रुपये का कर्ज लेने वाले किसान का शव कंपनी के कार्यालय में फंदे से लटका मिला था। इसके बाद पुलिस ने कंपनी के मालिक और दो अन्य लोगों के खिलाफ हत्या और अपहरण का मामला दर्ज किया।
जरांगे ने कहा, किसान की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।