ओवैसी को इस चुनाव में नहीं, भविष्य का विकल्प मानते हैं पूर्वांचल के कई मुसलमान

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 04, 2022

आजमगढ़/गाजीपुर(उप्र)। लोकसभा सदस्य असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भले ही कुछ न सीटें जीते या भाजपा विरोधी दलों का खेल बिगाड़ने की भूमिका निभाए, लेकिन इसने सपा एवं बसपा का गढ़ माने जाने वाले पूर्वांचल के कई इलाकों में अपनी पैठ बनानी शुरू कर दी है। एआईएमआईएम की मौजूदगी का आलम यह है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय के बहुत सारे लोग इसे भविष्य का विकल्प मानने लगे हैं, हालांकि उनका यह भी कहना है कि समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी की सीधी लड़ाई में इस बार शायद ओवैसी की पार्टी कोई खास कामयाबी हासिल नहीं कर सके। पूर्वी उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दशकों से मुस्लिम समुदाय के लोग सपा या बसपा का समर्थन करते आ रहे हैं और इस बार भी यही परिपाटी कायम रह सकती है क्योंकि लोग वोट बंटने की आशंका को लेकर चिंतित नजर आते हैं।

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सगड़ी इलाके में चाय की दुकान चलाने वाले मतलूब आलम ने कहा, ‘‘एआईएमआईएम को वोट मिलता, लेकिन यह इस बार नहीं होगा क्योंकि इस बार मुख्य लक्ष्य योगी सरकार को हटाने का है। एआईएमआईएम को समर्थन मिल रहा है, लेकिन वह जीतने की स्थिति में नहीं है।’’ आजमगढ़ शहर के तकिया इलाके के निवासी शमीम आगा कहते हैं, ‘‘ग्रामीण इलाके में मुस्लिम युवा एआईएमआईएम की ओर बड़ी उम्मीद से देख रहे हैं। लेकिन मुश्किल है कि यह वोट में तब्दील हो। जैसे कि लोग यहां कहते हैं कि कांग्रेस अच्छी पार्टी है लेकिन उसे वोट नहीं देते। यही बात यहां एआईएमआईएम के साथ है।’’ गाजीपुर जिले के जहूराबाद क्षेत्र में सपा समर्थकों का कहना है कि मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग भले ही एआईएमआईम के बारे में बात कर रहे हैं, लेकिन आखिर वह यह देखेंगे कि भाजपा सरकार को हटाने के लिए क्या करने की जरूरत है। एआईएमआईएम के बारे में बात करने के साथ ही ज्यादातर मुसलमान इस बार ‘बदलाव’ पर जोर दे रहे हैं।

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