मराठी भाषा की छाप पर्वतों, चट्टानों ओर दिलों में अमिट है: उद्धव ठाकरे

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 27, 2020

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मराठी भाषा के ह्रास से संबंधित चिंताओं को बृहस्पतिवार को खारिज किया और कहा कि इस भाषा की छाप पर्वतों, चट्टानों ओर दिलों में अमिट है और यह विदेशी शासन के दौरान बनी रही। ठाकरे विधान भवन (राज्य विधानसभा परिसर) में मराठी भाषा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उपमुख्यमंत्री अजित पवार एवं अन्य मंत्री भी वहां मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब हम ‘मराठी भाषा दिवस’ मनाते हैं तो फिर हम यह चिंता क्यों जताते हैं कि मराठी भाषा का क्या होगा?’’ उन्होंने कहा, ‘‘मराठी भाषा की छाप अमिट है। केवल भाषा बोलना पर्याप्त होना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि मराठी भाषा मुगल और ब्रिटिश शासन में भी जीवित रही। अजित पवार ने कहा कि मराठी भाषा का इस्तेमाल कारोबार और कम्प्यूटर कार्यों में भी होना चाहिए। उपमुख्यमंत्री ने हाल में विधान परिषद में मराठी भाषा को महाराष्ट्र के सभी बोर्ड के स्कूलों में आवश्यक विषय बनाने संबंधी विधेयक के पारित होने की प्रशंसा की।

प्रमुख खबरें

Bahraich में भारी बारिश और तूफान से 3 लोगों की गई जान, नदियां उफान पर

UN Tourism ने 1980 में शुरू किया था World Tourism Day, 27 सितंबर की तारीख है बेहद खास

Asian Games में त्रिसा-गायत्री और ध्रुव-तनीषा की जोड़ी क्वार्टर फाइनल में हारी

Maharashtra: सूखा राहत पैकेज को नाकाफी बता Congress ने Latur और Nanded में किया विरोध