ये है कछुओं का 'Marco Polo', ओडिशा से श्रीलंका और फिर पहुंचा महाराष्ट्र सिर्फ इस वजह से

By रितिका कमठान | Apr 15, 2025

ओलिव रिडले समुद्री कछुआ, जो दुनिया का दूसरा सबसे छोटा समुद्री कछुआ है। इस ओलिव रिडले कछूए ने प्रजनन के लिए 3500 किलोमीटर की लंबी यात्रा की है। यह कछुआ अपनी प्रजाति के लिए एक अद्भुत यात्रा करता है। इस कछुए को 2021 में जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा एक टैग लगाया गया था, जिससे इसकी गतिविधियों और यात्रा को ट्रैक किया जा सके।

 

जानें डबल नेस्टिंग के बारे में

कछुओं के लिए डबल नेस्टिंग उस समय होती है जब प्रजनन सीजन में मादा कछुए दो बार अंडे देती है। अंडे देने के लिए मादा कछुओं को घोंसला बनाना होता है। कछुओं का घोंसला एक खोखला गड्ढा होता है जिसमें मादा अंडे देकर उसे सुरक्षित रख सकती है।

 

ऐसे की जाती है कछुओं की टैगिंग

कछुओं की गतिविधि पर नजर रखने, रिसर्च और सुरक्षा के लिए वैज्ञानिक कछुओं को टैग करते है। ये टैग तीन प्रकार के होते हैं, जिसमें फ्लिपर टैग पहला टैग है। इसमें कछुए के पंखों पर कोड लगता है। इससे उसकी पहचान को दोबारा करने में परेशानी नहीं होती है। दूसरा टैग पीआईटी टैग है जिससे कछुए के शरीर के चमड़े के नीचे टैग लगता है जिसको बाद में स्कैन कर पढ़ा जाता है। इसके अलावा कछुओं पर सैटेलाइट टैग लगाया जाता है जिसमें कछुए के खोल को टैग करते है, जिसके बाद सैटेलाइट की मदद से इन पर नजर रखना आसान होता है।

 

ऐसे होता है समुद्री कछुओं का प्रजनन

समुद्री कछुओं का प्रजनन समुद्र के तट पर होता है जहां मादा अंडे देने आती है। मादा कछुआ अंडे देने के लिए घोंसला यही तट पर ही बनाती है। बता दें कि ओलिव रिडले कछुआ उस प्रजाति का कछुआ है जिसमें सामूहिक घोंसला बनाया जाता है। सामूहिक घोंसला बनाने के लिए बड़ी मात्रा में कछुए एक साथ समुद्र तट पर आकर अंडा देते है। तट पर इन अंडों की संख्या हजारों में होती है।

प्रमुख खबरें

AI ने खुद लिखा 80% Code! Claude बनाने वाली Anthropic की रिपोर्ट से सनसनी, बढ़ा ये बड़ा खतरा

Rome Diamond League में बड़ा उलटफेर, Sri Lanka के रुमेश ने Neeraj Chopra को पछाड़ बनाया Record

ENG vs NZ: Lords में England का मास्टरस्ट्रोक, 140 पर ढेर होकर भी कीवी टीम को किया पस्त

Real Madrid Election: पेरेज़ का मास्टरस्ट्रोक, 150 मिलियन यूरो में लाएंगे Jude Bellingham से भी महंगा खिलाड़ी