By अभिनय आकाश | Jun 25, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को NATO महासचिव मार्क रुटे से कहा कि ईरान के साथ टकराव के दौरान यूरोपीय सहयोगियों ने अमेरिका को निराश किया है। उन्होंने इस बात पर निराशा जताई कि टकराव के समय NATO के अहम सहयोगियों से उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिला। मुलाकात के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्हें इटली, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी और फ़्रांस से निराशा हुई है और उन्होंने स्पेन की भी आलोचना की। ट्रंप ने कहा कि हमें निराश किया गया। उन्होंने आगे कहा कि सुरक्षा के एक बड़े संकट के समय सहयोगियों से मिली मदद उम्मीद के मुताबिक नहीं थी। ट्रंप ने कहा कि अगर कोई और उस स्थिति में होता, तो हम आज आपसे मिल भी नहीं रहे होते।" उन्होंने संकेत दिया कि आम तौर पर सहयोगियों से मज़बूत समर्थन की उम्मीद की जाती है। उन्होंने आगे कहा कि यह बेहतर होता अगर सहयोगियों ने संघर्ष के दौरान साफ़ तौर पर मदद की पेशकश की होती।
ट्रंप ने 77 वर्ष पुराने इस सैन्य गठबंधन से अमेरिका को अलग करने की अपनी धमकियों को दोहराया है, जिससे अगले महीने तुर्की में होने वाले नाटो नेताओं के शिखर सम्मेलन से पहले परिस्थितियां जटिल हो गई हैं। वहीं, ट्रंप को प्रभावित करने और उनके साथ संवाद स्थापित करने की क्षमता के कारण ‘ट्रंप व्हिस्परर’ के रूप में पहचाने जाने वाले रूट बुधवार को उन्हें संतुष्ट करने और मनाने की कोशिश में दिखाई दिए। ओवल ऑफिस में ट्रंप के साथ बैठक के दौरान रूट ने नरमी से लेकिन स्पष्ट ढंग से असहमति जताते हुए कहा, ‘‘मुझे पता है कि कुछ छिटपुट घटनाएं हुई हैं, जिनसे आप वास्तव में निराश हैं, लेकिन सामान्य तौर पर आपके यूरोपीय सहयोगी आपके साथ खड़े रहे हैं।’’ नाटो प्रमुख ने यह भी उल्लेख किया कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम पर सहमति बनने से पहले यूरोप स्थित सैन्य अड्डों से अमेरिका के 4,000 से 5,000 विमान उड़ान भर चुके थे। यह टिप्पणी ट्रंप के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने रूट का परिचय कराते हुए कहा था कि ‘‘हाल की हमारी छोटी-सी सैन्य झड़प के दौरान वे हमारे प्रति बहुत अच्छे नहीं थे।