By Ankit Jaiswal | Jul 30, 2026
ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ खेल 2026 में भारत की युवा भारोत्तोलक मार्टिना देवी मैबाम ने अपने जुझारूपन से सभी का ध्यान खींचा। हालांकि वह पदक जीतने से चूक गईं, लेकिन जिस तरह उन्होंने मुकाबले में वापसी की, उसने उनके उज्ज्वल भविष्य की झलक जरूर दिखा दी।
बता दें कि मार्टिना का मुकाबला बेहद कठिन शुरुआत के साथ शुरू हुआ। स्नैच स्पर्धा में उन्होंने 103 किलोग्राम के पहले दो प्रयास गंवा दिए थे। ऐसे में वह प्रतियोगिता से बाहर होने के बेहद करीब पहुंच गई थीं। इसके बाद भारतीय दल के मुख्य प्रशिक्षक विजय शर्मा ने साहसिक फैसला लेते हुए तीसरे प्रयास में वजन 103 किलोग्राम की जगह बढ़ाकर 105 किलोग्राम कर दिया। यह रणनीति सफल रही और मार्टिना ने शानदार तरीके से वजन उठाकर प्रतियोगिता में अपनी चुनौती बरकरार रखी है।
इस सफल प्रयास के बाद भावुक मार्टिना की आंखों में आंसू भी दिखाई दिए। हालांकि उन्होंने खुद को संभाला और क्लीन एंड जर्क में उतरते ही 140 किलोग्राम का वजन पहले ही प्रयास में सफलतापूर्वक उठा लिया। गौरतलब है कि यह उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 136 किलोग्राम से भी बेहतर प्रदर्शन रहा है।
इसके बाद पदक की उम्मीद बनाए रखने के लिए उन्हें 144 किलोग्राम और फिर 146 किलोग्राम उठाना था, लेकिन दोनों प्रयास सफल नहीं हो सके। अंतिम प्रयास असफल रहने के बाद मार्टिना एक बार फिर भावुक हो गईं और उनकी पदक की उम्मीद समाप्त हो गई।
इस स्पर्धा में इंग्लैंड की एमिली कैंपबेल ने 278 किलोग्राम कुल वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने क्लीन एंड जर्क में नया कॉमनवेल्थ और खेल रिकॉर्ड भी बनाया हैं। मलेशिया की सिति अकीलाह फरहाना द्रामन ने 253 किलोग्राम के साथ रजत पदक जीता, जबकि कनाडा की एटा मे लव ने 250 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक हासिल किया है।