साहबजादों जोरावर सिंह और फतेह सिंह के शहीदी दिवस को हर वर्ष ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाने का लिया ऐतिहासिक निर्णय

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 02, 2022

चंडीगढ़  राज्यपाल  बंडारू दतात्रेय ने कहा कि प्रदेशवासियों की आशा एवं आंकक्षाओं के अनुरूप कार्य करते हुए राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वाभिमान, स्वायत्तता, संरक्षण, स्वावलंबन, सुरक्षा, स्वामित्व, समाधान और सुशासन के माध्यम से प्रदेश के चहुंमुखी विकास को नए आयाम देने के लिए निरंतर अग्रसर है।

 

राज्यपाल ने कहा कि देश की आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में आज यहां आरंभ हुए हरियाणा विधान सभा के बजट सत्र के पहले दिन सदन में अपना अभिभाषण देेते हुए उन्हें हर्ष की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने क्षेत्रवाद और भाई-भतीजावाद की संकीर्णता से ऊपर उठकर प्रदेश के सन्तुलित, सतत और समान विकास का मार्ग प्रशस्त किया है।

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आजादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर देने वाले ज्ञात-अज्ञात शहीदों को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों की स्मृति में अंबाला में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का ‘आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक’ बना रही है। उन्होंने कहा कि आजादी के इस अमृत महोत्सव वर्ष में केन्द्र सरकार ने गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहबजादों जोरावर सिंह और फतेह सिंह के शहीदी दिवस 26 दिसम्बर को हर वर्ष ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इसी प्रकार, अमर स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाने की पहल भी की गई है।

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राज्यपाल ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लिए गए कई अभूतपूर्व निर्णयों से देशभर में भारत के गौरव और प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है। अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होने से जहां करोड़ों देशवासियों की आस्था को मजबूती मिली है, वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सुशासन अभियान के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए ई-गवर्नेंस का रास्ता अपनाया जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा और प्रदेश के कमजोर, गरीब व आम आदमी को भी आज प्रगति के लाभ मिल रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि कोई भी विभाग अथवा क्षेत्र ऐसा नहीं बचा, जिसमें सुशासन की पहल न की गई हो। इस नई व्यवस्था में कोई भी नागरिक सरलता से अपना हक प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ‘सुशासन से सेवा’ के संकल्प के साथ पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन के अनुरूप ‘सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास-सबका प्रयास’ और ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ के मूलमंत्र पर चलते हुए प्रदेश के चहुँमुखी विकास के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के ‘‘आदर्श समाज वह है जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे पर आधारित है’’, के सिद्घांत की पालना करते हुए क्षेत्रवाद और भाई-भतीजावाद से ऊपर उठकर हर क्षेत्र व हर वर्ग का समान विकास कर रही है। उन्होंने कहा कि आज पंचकूला से पलवल तक और सिरसा से फरीदाबाद तक बदलाव की इस सुखद बयार को महसूस किया जा सकता है। नीति आयोग के एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2020-21 में हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।

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उन्होंने कहा कि पंक्ति में खड़े अन्तिम व्यक्ति का जीवन-स्तर ऊपर उठाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना’ शुरू की है। गांवों को ‘लाल डोरा मुक्त’ करने की हरियाणा की योजना को केन्द्र सरकार ने ‘स्वामित्व योजना’ के रूप में पूरे देश में लागू किया है। ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना का अध्ययन करने के लिए भी एक केन्द्रीय टीम ने प्रदेश का दौरा किया था।

उन्होंने कहा कि ‘‘शासन कम, सुशासन ज्यादा’’ को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा आदि हर क्षेत्र में ई-गवर्नेंस की नई-नई पहलें की हैं।  ई-गवर्नेंस का यह अभियान अब परिवार पहचान पत्र तक पहुंच चुका है। इस एकमात्र दस्तावेज से लोगों को सभी सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ घर बैठे ही मिलेगा और उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अब जन्म-मृत्यु का डेटा भी ऑटो अपडेट हो जाएगा।

राज्यपाल ने कहा कि सरकार द्वारा दी जाने वाली पाई-पाई सही लाभार्थी तक पहुंचाने और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से, सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सब्सिडी और वित्तीय सहायता के लिए ‘डी.बी.टी.’ सुविधा शुरू की गई है। इसके अतिरिक्त, जनता के प्रति प्रशासन की जबाबदेही तय करने और समय पर सर्विस डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए ‘ऑटो अपील सॉफ्टवेयर’ (आस) शुरू किया गया है और इससे 570 सेवाओं को जोड़ा गया है। आवेदक को यदि निर्धारित समय में सेवा नहीं मिलती है तो उसकी अपील स्वत: ही उच्चाधिकारी को और फिर ‘सेवा का अधिकार आयोग‘ को भी चली जाती है। इसके अतिरिक्त, पारदर्शिता एवं स्थायित्त्व बढ़ाने के लिए ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी 43 विभागों के 214 कॉडर में लागू की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 से ही हम कोविड-19 महामारी से जूझ रहे हैं। इस वैश्विक महामारी ने प्रत्येक व्यक्ति को कहीं न कहीं प्रभावित किया है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि कर्मठ लोग अपने कत्र्तव्यों में कभी देरी नहीं करते। इसी बात का अनुसरण करते हुए राज्य सरकार ने महामारी से बचाव, राहत व ईलाज के पर्याप्त प्रबंध किए हैं। उन्होंने कहा कि  सरकार और इसका पूरा तंत्र, विशेषकर चिकित्सकों व स्वास्थ्य कार्यकत्र्ताओं और अन्य अग्रिम पंक्ति के कोविड योद्धाओं के अथक प्रयासों के फ लस्वरूप हम इस महामारी पर नियंत्रण पाने में सफल रहे हैं। इस महामारी में प्रदेशवासियों के धैर्य, साहस और विश्वास की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि अब हरियाणा विकास के लक्ष्यों और उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए तेजी से अग्रसर है।

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