By Ankit Jaiswal | Jul 21, 2026
अगर आप आने वाले दिनों में नई मारुति सुजुकी कार खरीदने की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए यह जरूरी खबर है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने अपनी गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। नई कीमतें अगस्त 2026 से लागू होंगी और अलग-अलग मॉडल के अनुसार ग्राहकों को अधिकतम 30 हजार रुपये तक ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है।
मारुति सुजुकी ने स्पष्ट किया है कि सभी मॉडलों पर समान बढ़ोतरी नहीं होगी। मौजूद जानकारी के अनुसार हर मॉडल की कीमत में अलग-अलग स्तर पर बदलाव किया जाएगा। अधिकतम बढ़ोतरी 30 हजार रुपये तक हो सकती है। कंपनी ने यह भी कहा कि ग्राहकों पर असर कम से कम पड़े, इसके लिए केवल बढ़ी हुई लागत का एक हिस्सा ही कीमतों में शामिल किया जा रहा है।
गौरतलब है कि वर्ष 2026 के दौरान यह कंपनी की कीमतों में एक और संशोधन है। इससे पहले मई महीने में भी कंपनी ने बताया था कि वह लागत कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वहीं फरवरी में कंपनी ने संकेत दिए थे कि यदि कच्चे माल और बहुमूल्य मेटल्स की कीमतों में तेजी जारी रही तो कारों की कीमतें फिर बढ़ाई जा सकती हैं। अब कंपनी ने उसी दिशा में कदम उठाते हुए नई कीमतों की घोषणा कर दी है।
वाहन उद्योग के जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ समय से स्टील, एल्युमिनियम, प्लास्टिक, इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों और परिवहन लागत में लगातार वृद्धि देखने को मिली है। इसके अलावा उत्पादन और संचालन से जुड़े खर्च भी बढ़े हैं। यही वजह है कि कई वाहन निर्माता कंपनियां समय-समय पर अपनी गाड़ियों की कीमतों में संशोधन कर रही हैं।
शेयर बाजार में भी इस घोषणा का असर देखने को मिला। मंगलवार दोपहर कारोबार के दौरान बंबई शेयर बाजार में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड का शेयर करीब 122.55 रुपये की बढ़त के साथ 13,630 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। इससे यह संकेत मिला कि निवेशकों ने कंपनी के इस फैसले को कारोबार की दृष्टि से सकारात्मक माना।
मारुति सुजुकी लंबे समय से देश के यात्री वाहन बाजार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली कंपनी रही है। कंपनी की कई लोकप्रिय कारें मध्यम वर्ग के बीच काफी पसंद की जाती हैं। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी का असर नए वाहन खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों पर पड़ सकता है। हालांकि कंपनी का कहना है कि उसने ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ कम रखने की पूरी कोशिश की है, लेकिन मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में यह फैसला लेना आवश्यक हो गया था। ऐसे में अगस्त से पहले वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोग मौजूदा कीमतों का लाभ उठा सकते हैं, जबकि अगस्त के बाद नई दरों के अनुसार भुगतान करना होगा।