By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 22, 2026
यात्री वाहन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ‘जीएसटी 2.0’ के तहत कर दरों को तर्कसंगत बनाए जाने के बाद यात्री वाहनों की मांग में आए भारी उछाल को देखते हुए अपनी पूंजीगत व्यय योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है। कर सुधार का एक साल पूरा होने पर कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हिसाशी ताकेउची ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अप्रैल-अगस्त, 2026 के दौरान मारुति सुजुकी की यात्री वाहन बिक्री में सालाना आधार पर करीब 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में प्रवेश स्तर के वाहनों की बिक्री 96 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि इससे भारतीय उपभोक्ताओं की क्षमता और उत्पादों के किफायती होने के महत्व का पता चलता है। ताकेउची ने कहा, ‘‘जब घरेलू उद्योग पैमाना और प्रतिस्पर्धा हासिल कर लेता है, तो अधिक वैश्विक कारोबार अपने आप हमारे पास आने लगता है, जिससे निर्यात बढ़ता है। इस वृद्धि से उत्साहित होकर हम अपनी पूंजीगत निवेश की योजनाओं को गति दे रहे हैं, जिसका लाभ पूरी अर्थव्यवस्था को मिलेगा।’’ महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के वाहन और कृषि क्षेत्र के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ राजेश जेजुरिकर ने कहा कि जीएसटी के युक्तिकरण से अर्थव्यवस्था को स्पष्ट गति मिली है और प्रमुख श्रेणियों में मांग को समर्थन मिला है।
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘इन बदलावों के बाद से हमने एसयूवी श्रेणी में 17 प्रतिशत की वृद्धि देखी है, जबकि हल्के वाणिज्यिक वाहनों (एलसीवी) और ट्रैक्टर में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जीएसटी परिषद ने 22 सितंबर, 2025 से कर ढांचे में बदलाव को मंजूरी दी थी, जिसके तहत 1,200 सीसी से कम क्षमता और 4,000 मिमी से कम लंबाई वाले पेट्रोल, एलपीजी तथा सीएनजी वाहन पर कर की दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी गई थी। वाहन डीलर संघों के महासंघ (फाडा) के अध्यक्ष साई गिरिधर ने कहा कि इस सुधार ने सभी वाहन श्रेणियों में उत्पादों को किफायती बनाकर खुदरा मांग को बढ़ावा दिया है।