By अभिनय आकाश | Jul 24, 2026
ढाका के गलियारों में चर्चा तेज है कि एक फोन कॉल ने तख्तापलट के बाद बनी नई व्यवस्था की नींव हिला दी है। राष्ट्रपति शहाबुद्दीन पर इस्तीफे का दबाव बन रहा है और खबर आ रही है कि वह अब कभी भी कुर्सी छोड़ सकते हैं। यह पूरा मामला शुरू होता है बांग्लादेशी राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन की लंदन यात्रा से। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने लंदन दौरे के दौरान शेख हसीना से संपर्क करने की कोशिश की। बल्कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दोनों के बीच फोन पर बातचीत होने का भी दावा किया गया है। हालांकि इन दावों की अब तक आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दरअसल बांग्लादेश के अखबार प्रथम आलोक की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति मोहम्मद शबुद्दीन ने अपने लंदन दौरे के दौरान भारत में रह रही शेख हसीना से कथित तौर पर फोन पर बातचीत की थी।
राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को अप्रैल 2023 में 5 सालों के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया था और उनकी नियुक्ति उस समय हुई थी जब शेख हसीना प्रधानमंत्री थे। अगस्त 2024 में छात्रा आंदोलन के बाद तख्तापलट हुआ और शेख हसीना को देश छोड़कर भारत आना पड़ा। तब से वह भारत में ही रह रही हैं। अब उन्होंने दिसंबर 2026 में बांग्लादेश लौटने की घोषणा की है। जिससे देश की राजनीति फिर एक बार गर्म हो चुकी है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि अगर राष्ट्रपति शबुद्दीन इस्तीफा देते हैं तो बांग्लादेश के संविधान के अनुसार संसद के स्पीकर अंतरिम राष्ट्रपति का कार्यभार संभालेंगे। जब तक कि नए राष्ट्रपति का चुनाव नहीं हो जाता है। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि शेख हसीना और राष्ट्रपति मोहम्मद शाहबुद्दीन के बीच कथित फोन कॉल की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस खबर को अभी दावे और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर ही देखा जा रहा है। लेकिन इतना जरूर तय है कि शेख हसीना की संभावित वापसी से पहले बांग्लादेश की राजनीति में उठा यह नया हलचल आने वाले दिनों में कोई बड़ा घटनाक्रम बन सकता है।