India-Iran Relations पर मौलाना यासूब अब्बास का बड़ा बयान, कहा- तेहरान का साथ देना वक्त की बड़ी ज़रूरत

By अभिनय आकाश | Sep 11, 2026

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने शुक्रवार को नई दिल्ली और तेहरान के बीच मज़बूत कूटनीतिक संबंधों की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि इलाके में चल रहे भारी तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन का भारत में ब्रिक्स (BRICS) समिट में शामिल होना दोनों देशों के आपसी रिश्तों का एक अहम सबूत है। अब्बास ने इस कूटनीतिक दौरे को बहुत खास बताया, खासकर तब जब तेहरान पर भू-राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है, और उन्होंने इस साझेदारी की मज़बूती पर ज़ोर दिया। मौलाना यासूब अब्बास ने ANI से कहा, भारत सरकार को अपने पुराने दोस्त ईरान के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए। अभी दो देश ईरान के ख़िलाफ़ हैं। और मध्य पूर्व के तथाकथित इस्लामिक देश भी ईरान के ख़िलाफ़ हैं। ऐसे में, ईरान के राष्ट्रपति का भारत आना किसी चमत्कार से कम नहीं है।

इसे भी पढ़ें: BRICS Business Forum में बोले Putin, भरोसेमंद B2B Relations ही वैश्विक अर्थव्यवस्था और आर्थिक रिश्तों की असली रीढ़

दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक निर्भरता, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम समुद्री ऊर्जा मार्गों पर समुद्री व्यापार को लेकर, इस बात पर ज़ोर देते हुए अब्बास ने कहा कि तेहरान भारतीय समुद्री आवाजाही को खास अहमियत देता रहा है। उन्होंने कहा, "देखिए, मैंने कहा था कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से संबंध रहे हैं। अमेरिका और इज़राइल जैसे देश भारत और ईरान को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की बहुत कोशिश करते हैं, लेकिन भारत और ईरान की दोस्ती सदियों से चली आ रही है और कोई इसे मिटा नहीं सकता। भारत को तेल और गैस मिलती रहेगी। ईरान ने होर्मुज को लेकर एक लकीर खींची है; यह लकीर उसने दुनिया के लिए खींची है, भारत के लिए नहीं। 

प्रमुख खबरें

CM Nayab Singh Saini के गुजरात दौरे में Haryana को मिले 12000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

UP Legislative Council Polls: मेरठ में BJP के Dinesh Goyal और श्रीचंद शर्मा जीते

PM Modi और लिकटेंस्टाइन के युवराज Alois के बीच द्विपक्षीय सहयोग पर वार्ता

वर्ष 2029 में भी Narendra Modi के नेतृत्व में बनेगी राजग सरकार: JP Nadda