By एकता | Jul 09, 2026
मानसून के सुहाने मौसम में समोसे और पकौड़ों को देखकर किसी का भी दिल मचल सकता है। लेकिन इस बारिश के सीजन में मक्का इन चीजों से बेहतरीन स्नैक साबित हो सकता है। अच्छी बात यह है कि मक्के में सिर्फ कार्बोहाइड्रेट ही नहीं होते, बल्कि यह सेहत के कई शानदार फायदों से भरपूर है। इसमें फाइबर, रेसिस्टेंट स्टार्च, पोटैशियम, मैग्नीशियम, विटामिन B, एंटीऑक्सीडेंट्स और आंखों की रोशनी के लिए सबसे जरूरी ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांकि, आपको अपनी सेहत के हिसाब से इसे खाने का सही तरीका और सही मात्रा जानना बेहद जरूरी है।
यदि आपका पेट बहुत ज्यादा संवेदनशील है या आप IBS की समस्या से जूझ रहे हैं, तो एक बार में बहुत ज्यादा स्वीट कॉर्न खाने से बचें, क्योंकि इससे पेट फूल सकता है। शुरुआत में केवल आधा भुट्टा (लगभग 38 ग्राम) ही खाएं और देखें कि आपका पेट इसे कैसे पचा पा रहा है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए उबला या स्टीम किया हुआ मक्का ही सही विकल्प है। उबले हुए मक्के का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 55-56 होता है। जबकि भुने हुए मक्के का GI बढ़कर लगभग 65 हो जाता है, क्योंकि भूनने से इसका स्टार्च बहुत जल्दी पच जाता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। एक बार में केवल आधा कप पका हुआ मक्का या फिर एक छोटा भुट्टा ही खाएं।
अगर आप आंखों की रोशनी और न्यूट्रिएंट्स के लिए मक्का खा रहे हैं, तो स्टीम किया हुआ मक्का सबसे बेहतरीन है। हल्की भाप से मक्के में मौजूद ल्यूटिन और जेक्सैंथिन हमारे शरीर को आसानी से मिल जाते हैं। इसके अलावा, मक्के को सीधे पानी में न डुबोने के कारण उबालने के मुकाबले इसमें से फोलेट और विटामिन बी का नुकसान भी बहुत कम होता है।
अगर आप मानसून के मजे लेते हुए कोयले पर भुना पारंपरिक भुट्टा खाना चाहते हैं, तो शौक से खाएं। लेकिन ध्यान रखें कि इस पर बहुत ज्यादा बटर, चीज, तीखे मसाले लगाने से बचें और इसे बहुत ज्यादा जलने या काला होने तक न भूनें।