Rahul Gandhi के आरक्षण खत्म करने वाले बयान पर भड़कीं मायावती, संविधान बचाने का नाटक करने वाली पार्टी से लोगों को किया सजग

By अभिनय आकाश | Sep 10, 2024

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने राहुल गांधी के आरक्षण को लेकर दिए ताजा बयान पर निशाना साधा है। मायावती ने सिलसिलेवार ट्वीट के जरिए कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र में काफी लम्बे समय तक सत्ता में रहते हुए कांग्रेस पार्टी की सरकार ने ओबीसी आरक्षण को लागू नहीं किया और ना ही देश में जातीय जनगणना कराने वाली यह पार्टी अब इसकी आड़ में सत्ता में आने के सपने देख रही है। इनके इस नाटक से सचेत रहें जो आगे कभी भी जातीय जनगणना नहीं करा पाएगी। अब कांग्रेस पार्टी के सर्वेसर्वा श्री राहुल गाँधी के इस नाटक से भी सर्तक रहें जिसमें उन्होंने विदेश में यह कहा है कि भारत जब बेहत्तर स्थिति में होगा तो हम SC, ST, OBC का आरक्षण खत्म कर देंगे। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस वर्षों से इनके आरक्षण को खत्म करने के षडयंत्र में लगी है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जातीय सहमति की वकालत की और कहा कि कांग्रेस पार्टी निचली जातियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति जानना चाहती है। जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में जाति जनगणना की आवश्यकता को समझाते हुए राहुल ने कहा किहम इन जातियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को समझना चाहते हैं। तीसरा घटक, जो मुझे लगता है कि बहुत महत्वपूर्ण है, वह यह है कि हम भारत के संस्थानों-मीडिया, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा-स्वामित्व, इन सेवाओं को प्रदान करने वाली संरचना और इन संस्थानों में भारत की भागीदारी को भी समझना और जांचना चाहते हैं। ये एक संस्थागत सर्वेक्षण, एक सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण और एक जनगणना है। 

इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी के बयान पर भड़के हिमंत बिस्वा सरमा, चीन को बढ़ावा देना और भारत को नीचा दिखाना कांग्रेस नेता का काम

उन्होंने कहा कि जब भारत एक निष्पक्ष देश होगा तो कांग्रेस पार्टी आरक्षण खत्म करने के बारे में सोचेगी, जो अभी नहीं है। गांधी ने आरक्षण और यह कब तक जारी रहेगा सवाल के जवाब में विश्वविद्यालय में छात्रों से कहा कि जब भारत एक निष्पक्ष स्थान पर होगा तो हम आरक्षण ख़त्म करने के बारे में सोचेंगे। फिलहाल देश में ऐसी स्थितियां नहीं हैं। गांधी ने कहा कि जब आप वित्तीय आंकड़ों को देखते हैं, तो आदिवासियों को 100 रुपये में से 10 पैसे मिलते हैं; दलितों को 100 रुपये में से 5 रुपये मिलते हैं और इतनी ही संख्या ओबीसी को मिलती है. मामले की सच्चाई यह है कि उन्हें भागीदारी नहीं मिल रही है। 

प्रमुख खबरें

Meta पर European Union का शिकंजा, Facebook-Instagram पर बच्चों की Safety से खिलवाड़ का आरोप

Mumbai Crime: Mira Road में गार्ड पर बेरहमी से हमला, US कनेक्शन और Terror Angle से हड़कंप

World Cup से पहले Football में बड़ा नियम, मुंह पर हाथ रखा तो मिलेगा सीधा Red Card

Champions League में गोलों की सुनामी! Paris Saint-Germain ने Bayern Munich को 5-4 से रौंदा