By अभिनय आकाश | Jul 07, 2026
एक तरफ पाकिस्तान है जहां पुलिस चौकियों पर गोलियां बरसाई जा रही है। जहां वर्दी वालों को अगवा किया जा रहा है और जहां की सरकार अपने ही पाले हुए आतंकियों से फंसी हुई है और ठीक उसी वक्त दूसरी तरफ भारत जहां तालिबान का सबसे ताकतवर मंत्री दिल्ली के रेड कारपेट पर कदम रख चुका है। एक तरफ बारूद की बदबू है तो दूसरी तरफ दोस्ती की महक। बलूचिस्तान की जियारत में आतंकियों ने पुलिस पोस्ट को कब्रिस्तान बना दिया है। नौ पुलिस वालों को उड़ा दिया है। अफरातफरी का माहौल है और पाकिस्तान के हुक्मरान डर के साए में जी रहे हैं। लेकिन इसी वक्त दिल्ली से एक ऐसी तस्वीर आती है जो पाकिस्तान के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम करती है। जिस तालिबान को पाकिस्तान अपना प्रॉक्सी समझता था उसी तालिबान का सबसे ताकतवर मंत्री आज हिंदुस्तान की जमीन पर उतर चुका है।
अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुपालन मंत्री मौलवी अताउल्लाह उमारी अपने पूरे काफिले के साथ भारत की सरजमी पर पहुंचे। यह दौरा खास इसलिए है क्योंकि तालिबान के सत्ता में आने के बाद यह किसी बड़े मंत्री का सबसे महत्वपूर्ण भारत दौरा है। भारत ने कभी बंदूक के दम पर अफगानिस्तान में घुसपैठ नहीं की। भारत ने वहां सड़क बनाई, स्कूल बनाए, अस्पताल बनाए और संसद बनाई। अब अफगानिस्तान में अकाल पड़ा है तो भारत ने हजारों टन गेहूं भेजा। जब वहां दवाइयों की कमी हुई तो भारत ने जीवन रक्षक दवाईएं भेजी।