गृह मंत्रालय और NIA के बीच हुई बैठक, उत्तर भारत के कैदियों को मिलेगी "कालापानी" की सजा, भेजे जा सकते हैं Andaman

By रितिका कमठान | Jul 02, 2023

उत्तर भारत की जेलों में बंद 10-12 कुख्यात गैंगस्टरों को अंडमान निकोबार की कालापानी वाली जेल में शिफ्ट किया जा सकता है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने ये मांग गृह मंत्रालय के सामने रखी है। इस मामले पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों की गृह मंत्रालय से विस्तार से चर्चा हो चुकी है।

बता दें कि अंडमान निकोबार में जिन कैदियों को कैद किया जाता था, वो सजा काफी सख्त मानी जाती थी। वहीं सूत्रों का कहना है कि एनआईए ने दिल्ली, पंजाब और हरियाणा की जेलों में बंद गैंगस्टरों को अंडमान की जेल में भेजना चाहती थी। यहां जेल में बंद रहकर कई गैंगस्टर क्राइम सिंडिकेट चला रहे है। ऐसे में एनआईए चाहती है कि इन सबी गैंगस्टरों का नेटवर्क ध्वस्त किया जाए और उनके काले कारनामों पर रोक लगाई जाए। यानी जेल से चल रहे सिंडिकेट कमजोर होंगे और बदमाशों के गुर्गों का मनोबल भी इससे कमजोर होगा।

अंडमान की जेल के अलावा असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में भी कुछ गैंगस्टरों को भेजा जाएगा। इस जेल में वर्तमान में वारिस पंजाब दे प्रमुख अमृतपाल सिंह सजा काट रहा है जो पंजाब में कई बड़े मामलों का आरोपी है। इस मामले पर गृह मंत्रालय की तरफ से जानकारी मिली है कि शुरू में कुछ कुख्यात गैंगस्टरों को दक्षिण भारत की जेलों में ट्रांसफर किए जाने का प्रस्ताव एनआईए द्वारा पेश किया गया था। हालांकि ये लंबी प्रक्रिया है, क्योंकि इसके लिए राज्य सरकारों से अनुमति लेना आवश्यक है। वहीं अंडमान निकोबार केंद्र शासित प्रदेश है, जहां कुख्यात गैंगस्टरों को ट्रांसफर किए जाने के लिए इजाजत लेने की जरुरत नहीं होगी।

जानकारी के मुताबिक एनआईए ने गैंगस्टरों को ट्रांसफर करने के लिए गृह मंत्रालय को पत्र लिखा था जिसमें 25 गैंगस्टरों को दक्षिण के राज्यों की जेलों में भेजे जाने का प्रस्ताव था। इस सूची में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का आरोपी लॉरेंस बिश्नोई भी शामिल है। 

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