By नीरज कुमार दुबे | Jun 23, 2026
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि कश्मीरी पंडितों को एक साझा भविष्य के निर्माण के लिए आगे बढ़ना चाहिए और अतीत को भुला देना चाहिए। वहीं भाजपा ने कहा है कि कश्मीरी पंडित समुदाय ने जो पीड़ा और कष्ट झेले हैं, उन्हें लोगों से अतीत को भूल जाने के लिए कहकर यूं ही नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हम आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मध्य कश्मीर के गांदरबल जिला स्थित प्रसिद्ध माता खीर भवानी मंदिर की यात्रा की और वार्षिक मेले के अवसर पर वहां आए कश्मीरी पंडितों से बातचीत की। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि मेले में बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडित आए हैं और कश्मीर के लोग पूरे दिल से उनका स्वागत करते हैं। पीडीपी प्रमुख ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि हमारे कश्मीरी पंडित भाई-बहन अतीत में जो कुछ भी हुआ उसे भूल जाएं और भविष्य की ओर देखें।’’ हालांकि, मुफ्ती जब खीर भवानी मंदिर पहुंची, तो कश्मीरी पंडितों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की।
इस बीच, सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मुफ्ती ने कहा कि खीर भवानी मेले के दृश्य शब्दों से परे दिल को छू लेने वाले थे। उन्होंने लिखा, ‘‘कश्मीरी पंडितों और मुसलमानों के बीच की गर्मजोशी और स्नेह ने अविश्वास और विभाजन की उन दीवारों को पार कर दिया है जिन्हें कुछ लोगों ने अपने एजेंडे के लिए खड़ी करने की कोशिश की थी। अब समय आ गया है कि हम अतीत की कैद से मुक्त होकर एक साझा भविष्य तैयार करें।’’ महबूबा ने यह भी रेखांकित किया कि कश्मीर घाटी के बाहर इलाज कराने वाले कश्मीरियों का कश्मीरी पंडित चिकित्सकों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत और देखभाल की जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘डॉ. सुशील राजदान, डॉ. यू कौल और डॉ. समीर कौल जैसे डॉक्टर प्रेरणादायक हैं, जो कश्मीर में मरीजों की सेवा कर रहे हैं, विशेष रूप से उनकी जो इलाज के लिए बाहर की यात्रा करने में असमर्थ हैं। उनका काम सिर्फ उपचार करना नहीं है बल्कि यह पुराने जख्मों को भरने व समुदायों के बीच संबंधों को फिर से मधुर बनाने में मदद कर रहा है।’’ इसके साथ ही उन्होंने सरकार से कश्मीरी पंडितों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
उधर, भाजपा नेता जहांजेब सिरवाल ने कश्मीरी पंडितों को लेकर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में ऐसा माहौल बनाने पर ध्यान देना चाहिए जो लोगों के विश्वास को मजबूत करे, घावों को भरने में मदद करे और यह सुनिश्चित करे कि हर समुदाय खुद को सुरक्षित महसूस करे। जहांजेब सिरवाल ने कहा कि भले ही जम्मू-कश्मीर का भविष्य मेल-मिलाप, आपसी सम्मान और जख्मों को भरने की भावना पर आधारित होना चाहिए, लेकिन कश्मीरी पंडित समुदाय ने जो पीड़ा और कष्ट झेले हैं, उन्हें लोगों से अतीत को भूल जाने के लिए कह कर यूं ही नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
भारतीय जनता पार्टी के नेता ने कहा कि वास्तविक मेल-मिलाप चुनिंदा बातों को याद रखने या भूल जाने से नहीं होता, बल्कि ईमानदार आत्ममंथन, वास्तविकताओं को स्वीकार करने और जहां गलतियां हुई हैं उन्हें स्वीकार करने के साहस से हासिल होता है। सिरवाल ने नेताओं से अपील की कि वे उन मुद्दों पर बोलते समय सावधानी और संवेदनशीलता बरतें, जो किसी पूरे समुदाय की भावनाओं, स्मृतियों और पीड़ा से गहराई से जुड़े हुए हैं।