By दिव्यांशी भदौरिया | Jul 05, 2026
वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। वाणी, बुद्धि, संचार और व्यापार का मुख्य कारक बुध ग्रह माना जाता है। माना जाता है कि अगर जातक की कुंडली में बुध कमजोर हो, तो बिजनेस में नुकसान और आर्थिक उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं।
जल्दबाजी में निवेश न करें
ज्योतिष के मुताबिक, बुध गोचर के समय भूलकर भी जल्दबाजी में किसी भी तरह का निवेश न करें। कई बार लोग भावनाओं में बहकर निवेश कर देते हैं। माना जाता है कि बुध गोचर के दौरान निवेश करने से कर्ज की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है और निवेश पूरी तरह से डूब सकता है। जब आप निवेश करने जा रहे हैं, तो पहले सही से सोचें और एक्सपर्ट की राय जरुर लें।
अनावश्यक यात्राएं
बुध गोचर के समय अनावश्यक यात्राओं को टाल ही दें। यदि कोई जरुरी यात्रा करनी है, घर से सावधानी से निकलें।
वाणी पर कंट्रोल करें
असल में बुध ग्रह व्यक्ति के बोलने के तरीके को नियंत्रित करते हैं। आप दूसरों के सामने खुद कैसे प्रस्तुत करते हैं। यह सब बुध तय करता है। इस गोचर के समय किसी से भी बातचीत के दौरान कठोर वाणी भूलकर भी न बोलें। माना जाता है कि इस तरह की गलती को करने से जॉब या बिजनेस में काफी नुकसान देखने को मिलता है। इसलिए अपने अंहकार को दूर करें और सबसे विनम्र रहें।
बुध ग्रह के उपाय
- जिन व्यक्ति के कुंडली में बुध ग्रह कमजोर है, उन लोगों के बुधवार के दिन सुबह स्नान करने के बाद चार मुख वाले रुद्राक्ष को जरुर धारण करें। माना जाता है कि इस उपाय के करने से कुंडली में बुध ग्रह मजबूत होता है और व्यक्ति को जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होती है और सभी परेशानियां दूर होती है।
- वहीं, आप बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए हरी चीजों का दान कर सकते हैं। ऐसा करने से बुध ग्रह प्रसन्न होते हैं और जीवन में शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।