By अभिनय आकाश | Sep 16, 2026
मेटा इंडिया के प्रमुख अरुण श्रीनिवास और कंपनी के दूसरे सीनियर अधिकारी बुधवार को एक हफ़्ते में दूसरी बार 'नेशनल कमीशन फ़ॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ चाइल्ड राइट्स' (NCPCR) के सामने पेश हुए। बाल अधिकार आयोग, इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े मटीरियल (CSEAM) वाले विज्ञापनों की जांच तेज़ कर रहा है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मेटा के अधिकारियों ने अपनी गलती मानी और बच्चों के शोषण से जुड़े कंटेंट की जानकारी सीधे भारतीय कानून लागू करने वाली एजेंसियों को देने पर सहमति जताई। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब इस बात की कड़ी जांच हो रही है कि प्लेटफ़ॉर्म का विज्ञापन और रिकमेंडेशन सिस्टम बच्चों से जुड़े नुकसानदेह कंटेंट को कैसे हैंडल करता है।
मेटा भारत में सीधे मामले रिपोर्ट करने पर सहमत
सरकारी सूत्रों के अनुसार, Facebook और Instagram की मालिक कंपनी मेटा, बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की रिपोर्ट सीधे इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) द्वारा मैनेज किए जाने वाले साइबरक्राइम पोर्टल पर करने के लिए सहमत हो गई है। यह कदम कंपनी की पहले की रिपोर्टिंग प्रक्रिया में बदलाव है, जिसके तहत बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामले मुख्य रूप से अमेरिका स्थित 'नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन' (NCMEC) के ज़रिए भेजे जाते थे। मेटा के एक प्रवक्ता ने कहा था कि अपने प्लेटफ़ॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा कंपनी के लिए प्राथमिकता है।