MG Ramachandran Birth Anniversary: एमजी रामचंद्रन ने Cinema और Politics दोनों पर किया राज, आज भी मिसाल है ये Legacy

By अनन्या मिश्रा | Jan 17, 2026

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज अभिनेता एम जी रामचंद्रन का 17 जनवरी को जन्म हुआ था। एमजीआर सिर्फ साउथ सिनेमा में ही नहीं बल्कि भारतीय राजनीति में भी सफल थे। उन्होंने अभिनय, राजनीति और जनसेवा तीनों ही क्षेत्रों में जो मुकाम हासिल किया, वह आज भी मिसाल माना जाता है। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर एम जी रामचंद्रन पर के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

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फिल्मी करियर

एमजीआर ने साल 1936 में फिल्म 'साथी लीलावती' से अपने फिल्मी करियर की शुरूआत की थी। शुरूआती संघर्ष के बाद साल 1950 में एमजीआर की लोकप्रियता काफी तेजी से बढ़ी। फिर साल 1954 में 'मलैक्कलन' फिल्म से वह स्टार बन गए। उन्होंने तमिल सिनेमा की पहली रंगीन फिल्म 'अलीबाबावुम 40 थिरुडर्गलुम' में भी काम किया था। साल 1972 में एमजीआर को फिल्म 'रिक्शावकरन' के लिए उनको सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार मिला था। उन्होंने दशकों तक तमिल सिनेमा पर राज किया। वहीं साल 1987 में आई फिल्म 'उलगम सुथी पारु' एमजीआर की आखिरी फिल्म साबित हुई।

राजनीति करियर

फिल्मों में सफलता पाने के बाद एमजीआर ने सियासत की ओर रुख किया। साल 1953 में डीएमके पार्टी ज्वॉइन की। वहीं साल 1962 में एमजीआर विधान परिषद के सदस्य बने। लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण उनको पार्टी से निकाल दिया गया था। फिर साल 1972 में उन्होंने एआईडीएमके की स्थापना की थी। फिर 1977 में वह तमिलनाडु के सीएम बने और लगातार जनता के बीच काफी लोकप्रिय रहे। साल 1988 में एमजीआर को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से नवाजा गया।

जयललिता संग रिश्ता

बता दें कि एमजीआर की पर्सनल लाइफ भी काफी चर्चा में रहा। उनका नाम एक्ट्रेस जयललिता के साथ जुड़ा था। जब जयललिता फिल्मों में आई थी, तब तक एमजीआर दक्षिण भारतीय फिल्मों के बहुत बड़े स्टार बन चुके थे। एमजीआर और जयललिता दोनों ने 28 फिल्मों में साथ काम किया था। हालांकि अभिनेत्री जयललिता ने हमेशा एमजीआर को अपना मेंटर बताया था।

मृत्यु

वहीं एमजी रामचंद्रन का 24 दिसंबर 1987 को निधन हो गया था।

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