Delhi के Uttam Nagar में Holi पर हुए छोटे से विवाद ने लिया हिंसा का रूप, मुस्लिमों ने Tarun Butolia को पीट पीटकर मार डाला!

By नीरज कुमार दुबे | Mar 07, 2026

नई दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के दिन हुआ एक मामूली-सा विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और 26 वर्षीय युवक तरुण बुटोलिया की जान चली गई। चार मार्च को हुई इस घटना ने पूरे इलाके को तनाव और भय के माहौल में डाल दिया है। हम आपको बता दें कि एक बच्चे की खेल खेल में हुई छोटी-सी गलती ने कुछ ही देर में ऐसा रूप ले लिया कि एक परिवार की खुशियां उजड़ गईं और पूरा मोहल्ला स्तब्ध रह गया।

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करीब एक घंटे बाद स्थिति और गंभीर हो गई। उस समय तरुण बुटोलिया एक होली पार्टी में गया हुआ था। तभी उसे फोन कर बताया गया कि उसके माता पिता पर हमला किया जा रहा है। यह सुनकर वह तुरंत मोटरसाइकिल से घर की ओर लौट पड़ा। उसकी मां सुनीता बुटोलिया ने बताया कि फोन पर कहा गया था कि परिवार के लोगों को पीटा जा रहा है। मां ने बताया कि उनका बेटा उन्हें बचाने के लिए आया, लेकिन हमलावर पहले से ही उसका इंतजार कर रहे थे।

जब तरुण अपने घर के पास संकरी गली में पहुंचा तो वहां माहौल बेहद तनावपूर्ण था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इलाके के कुछ लोगों ने हमलावरों से झगड़ा रोकने की अपील भी की, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। देखते ही देखते सात से आठ लोगों ने तरुण को घेर लिया और उस पर डंडों, बल्लों, ईंटों और पत्थरों से हमला कर दिया।

परिवार के अनुसार तरुण जिम जाता था और शारीरिक रूप से मजबूत था। उसने खुद को बचाने की कोशिश भी की, लेकिन एक साथ कई लोगों के हमले के सामने वह ज्यादा देर टिक नहीं सका। बताया जाता है कि हमलावरों ने उसे बुरी तरह पीटा। यहां तक कि जब वह खून से लथपथ होकर गिर पड़ा और बेहोश हो गया तब भी हमला जारी रहा। आरोप है कि उसके बाद भी उसे लगातार मारा गया और उस पर धारदार वार किये गये।

तरुण की मां ने घटना को बेहद भयावह बताते हुए कहा कि भीड़ लगातार घर पर पत्थर भी फेंक रही थी और लोहे की रेलिंग को नुकसान पहुंचाया गया। परिवार के लोग डर के कारण घर के अंदर बंद हो गये थे। उनका कहना है कि तरुण का इस विवाद से कोई लेना देना नहीं था, वह केवल अपने माता पिता की मदद करने के लिए घर लौटा था।

हम आपको बता दें कि तरुण के पिता ममराज बुटोलिया सफेदी का काम करते हैं। उनकी बेटी रेखा के अनुसार तरुण ने बीसीए की पढ़ाई की थी और वह डिजिटल आर्किटेक्चर और डिजाइन का ऑनलाइन कोर्स कर रहा था। वह मकानों के नक्शे बनाता था और भविष्य में इस क्षेत्र में कॅरियर बनाना चाहता था। परिवार का कहना है कि उसके बड़े सपने थे जो अब अधूरे रह गये।

घटना के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया। चार मार्च की घटना के दो दिन बाद आरोपियों के रिश्तेदारों की बताई जा रही एक कार और एक मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया गया। इसके बाद स्थिति को देखते हुए इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सीआरपीएफ के जवान तैनात किये गये हैं, जगह जगह बैरिकेड लगाये गये हैं और ड्रोन से निगरानी की जा रही है।

पुलिस के अनुसार अब तक एक नाबालिग सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और गवाहों के बयान दर्ज किये जा रहे हैं। हालांकि तरुण का परिवार इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि कई हमलावर अब भी खुले घूम रहे हैं।

हम आपको बता दें कि इस घटना के विरोध में स्थानीय लोगों और परिवार के सदस्यों ने सड़कों पर प्रदर्शन भी किया। उन्होंने रास्ता जाम कर नारेबाजी की और न्याय की मांग उठाई। कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता भी इन प्रदर्शनों में शामिल हुए जिससे इलाके का माहौल और संवेदनशील हो गया।

देखा जाये तो उत्तम नगर की यह दुखद घटना यह दिखाती है कि त्योहारों के दौरान छोटी-सी बात भी यदि समझदारी से न संभाली जाए तो वह बड़ी त्रासदी का रूप ले सकती है। एक मासूम गलती के कारण हुई हिंसा ने न केवल एक युवा की जान ले ली बल्कि पूरे समुदाय को शोक और भय में डाल दिया है।

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