By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 08, 2023
महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने बुधवार को कहा कि मुंबई के हाफकिन संस्थान के पास 1,400 करोड़ रुपये हैं जिनका उपयोग नहीं किया जा रहा है। पाटिल के अनुसार इस राशि का इस्तेमाल राज्य के सरकारी अस्पतालों के लिए दवाओं की खरीद की खातिर किया जाना था। पाटिल विधान परिषद में महाराष्ट्र मेडिकल उत्पाद खरीद प्राधिकरण विधेयक, 2023 पर हुई चर्चा के दौरान बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह की बाधाओं को दूर करने और सरकारी अस्पतालों में दवाओं एवं चिकित्सा सामग्री की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक प्राधिकरण का गठन करना चाहती है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के सदस्य शशिकांत शिंदे और शिवसेना (उद्धव) के नेता सचिन अहीर ने विधेयक पर आपत्ति जताते हुए आशंका जताई कि प्राधिकरण निर्धन लोगों की जरूरतों को पूरा करने में नाकाम रह सकता है और निहित स्वार्थों की पूर्ति हो सकती है।
हाफकिन संस्थान की वेबसाइट के मुताबिक यह देश के सबसे पुराने बायोमेडिकल अनुसंधान संस्थानों में से एक है और इसकी स्थापना 1899 में की गई थी। इसका नाम वैज्ञानिक डब्ल्यू एम हाफकिन के नाम पर रखा गया है जिन्होंने प्लेग के टीके का आविष्कार किया था।