श्रम मंत्रालय ईपीएफ जमा पर 8.65 प्रतिशत की ब्याज दर कायम रखने का इच्छुक

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 01, 2020

नयी दिल्ली। श्रम मंत्रालय कर्मचारी भविष्य निधि जमा पर चालू वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 8.65 प्रतिशत की ब्याज दर को कायम रखने का इच्छुक है। एक सूत्र ने यह जानकारी दी।कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के करीब छह करोड़ अंशधारक हैं।

इसे भी पढ़ें: RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने इन मुद्दों पर साधा मोदी सरकार पर निशाना

सूत्र ने कहा कि मंत्रालय वित्त वर्ष के लिए ब्याज दर को 8.65 प्रतिशत पर ही बरकरार रखने का इच्छुक है। इस तरह की अटकलें हैं कि ईपीएफ पर ब्याज दर को चालू वित्त वर्ष में घटाकर 8.5 प्रतिशत किया जा सकता है। 2018-19 में ईपीएफ पर 8.65 प्रतिशत ब्याज दिया गया। सूत्र ने कहा कि सीबीटी की बैठक का एजेंडा अभी तय नहीं किया गया है। चालू वित्त वर्ष के लिए ईपीएफओ की आय का आकलन करना मुश्किल है। इसी आधार पर ब्याज दर तय की जाती है।

इसे भी पढ़ें: Honda ने भारत में उतारी BS6 Unicorn बाइक, जानिए कीमत और फीचर्स

वित्त मंत्रालय श्रम मंत्रालय पर इस बात के लिए दबाव बना रहा है कि ईपीएफ पर ब्याज दर को सरकार द्वारा चलाई जाने वाली अन्य लघु बचत योजनाओं मसलन भविष्य निधि जमा (पीपीएफ) और डाकघर बचत योजनाओं के समान किया जाए। किसी वित्त वर्ष में ईपीएफ पर ब्याज दर के लिए श्रम मंत्रालय को वित्त मंत्रालय की सहमति लेनी होती है। चूंकि भारत सरकार गारंटर होती है ऐसे में वित्त मंत्रालय को ईपीएफ पर ब्याज दर के प्रस्ताव की समीक्षा करनी होती है जिससे ईपीएफओ आमदनी में कमी की स्थिति में किसी तरह की देनदारी की स्थिति से बचा जा सके।

ईपीएफओ ने अपने अंशधारकों को 2016-17 में 8.65 प्रतिशत और 2017-18 में 8.55 प्रतिशत ब्याज दिया था। वित्त वर्ष 2015-16 में इस पर 8.8 प्रतिशत का ऊंचा ब्याज दिया गया था। इससे पहले 2013-14 और 2014-15 में ईपीएफ पर 8.75 प्रतिशत का ब्याज दिया गया था। 2012-13 में ईपीएफ पर ब्याज दर 8.5 प्रतिशत रही थी।

प्रमुख खबरें

Maharashtra के Nanded की इस अनोखी शादी की चर्चा पूरे देश में, PM Modi भी हुए फैन

एक खास Community को Target कर रहा कानून, West Bengal में UCC पर बोले इमाम कासमी

Amarnath Yatra का Green Mission, Single-Use Plastic पर लगा बैन, फ्री मिलेंगे Cloth Bags

PM Modi ने रचा नया कीर्तिमान, Seychelles Parliament बनी 20वीं विदेशी संसद जिसे किया संबोधित